सेवाती घाटी को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल तेज
भौगोलिक मैपिंग पूरी कर शीघ्र व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन द्वारा 20 अक्टूबर को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के सेवाती घाटी क्षेत्र के भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल तेज कर दी है।
इस क्रम में 20 अक्टूबर की संध्या बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने अपने कार्यालय कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों को सेवाती घाटी की पर्यटन संभावनाओं का आकलन करते हुए सुनियोजित विकास की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बताया जाता है कि उपायुक्त झा ने अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र को निर्देश दिया कि कसमार प्रखंड के सेवाती घाटी के समग्र विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिए आगामी 23 अक्टूबर को जिला प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विकास से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर दिया।
जिला उपायुक्त ने सेवाती घाटी की भौगोलिक स्थिति एवं क्षेत्र की बसावटों की मैपिंग प्रक्रिया अविलंब पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मैपिंग के आधार पर घाटी की प्राकृतिक विशेषताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं पर्यटन की संभावनाओं का आकलन करते हुए एक व्यापक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में सेवाती घाटी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ ही पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। इसके तहत सुगम सड़क संपर्क, आवश्यक जन सुविधाओं तथा पर्यटकों के लिए अनुकूल आधारभूत संरचनाओं के विकास की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। विकास कार्यों की योजना तैयार करते समय क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरी-भरी पहाड़ियों, जंगलों एवं घुमावदार रास्तों के कारण विशेष आकर्षण रखती है। घाटी के ऊंचाई वाले स्थानों से आसपास के जंगलों, पहाड़ियों एवं विस्तृत भू-भाग का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यहां की प्राकृतिक छटा प्रकृति प्रेमियों एवं फोटोग्राफी के शौकीनों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। क्षेत्र में प्रकृति आधारित पर्यटन, भ्रमण एवं पिकनिक जैसी गतिविधियों के विकास की भी संभावनाएं हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह क्षेत्र दोनों राज्यों के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
जिला जनसंपर्क विभाग के अनुसार बोकारो जिला प्रशासन का उद्देश्य सेवाती घाटी की प्राकृतिक एवं भौगोलिक विशेषताओं का समुचित उपयोग करते हुए इसे एक सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो सके।
![]()













Leave a Reply