एस. पी. सक्सेना/बोकारो। मिलावट खोरो के खिलाफ बोकारो जिला उपायुक्त एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने हेतु जिले में लगातार सघन जांच अभियान के तहत 5 नवंबर को बोकारो जिला के हद में चंद्रपुरा के निमियामोड़, रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 14 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी एम. ए. आलम, गुलाब लकड़ा एवं पूजा कुमारी द्वारा निरीक्षण के दौरान एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस नहीं लेने वाले खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही जांच के क्रम में असुरक्षित एवं एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट कराया गया।
बताया जाता है कि निरीक्षण क्रम में 3 किलोग्राम खोआ (खाने योग्य नहीं), 22 पीस स्प्राइट (200 एमएल) एक्सपायरी, 3 किलोग्राम अमूल दही एक्सपायरी, 10 पीस मिरिंडा (200 एमएल) एक्सपायरी, 8 किलोग्राम खोया बर्फी (खाने योग्य नहीं), 3 किलोग्राम बूंदी लड्डू (खाने योग्य नहीं) को मौके पर हीं नष्ट करा दिया गया।
इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच हेतु नमूने लेकर राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला रांची भेजे गए। वहीं कोटपा अधिनियम के तहत कुल ₹1,200 का चालान भी किया गया। अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का प्रयोग न करें।
साथ ही बाहर से आने वाली सिंथेटिक एवं नकली मिठाई, पनीर तथा अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री में विशेष सावधानी बरतें। संबंधित अधिकारी द्वारा स्पष्ट कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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