शांति समिति की बैठक में डीएम-एसपी ने दिए सुरक्षा के कड़े निर्देश
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। आगामी दुर्गा पूजा, रावण वध और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। इसे लेकर 9 अक्टूबर को जिला समाहरणालय छपरा स्थित सभागार में जिलाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक से पूर्व शांति समिति और रावण वध आयोजन समिति के सदस्यों के साथ भी बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने खुले बिजली के तार, बैरिकेडिंग, रोशनी, सड़कों के गड्ढे और पुलिस बल की कमी जैसी समस्याओं को रखा। डीएम ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं के समयबद्ध निवारण का निर्देश दिया। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी सभागार में मौजूद रहे, जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी हाइब्रिड मोड से जुड़े रहे।
समीक्षा बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रोशन कुमार ने निर्देश दिया कि जिले में स्थापित होने वाली सभी छोटी-बड़ी लगभग 1,100 प्रतिमाओं और पूजा पंडालों का शत-प्रतिशत लाइसेंस निर्गत किया जाए। लाइसेंस से पूर्व पूजा समिति के पदाधिकारियों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
प्रत्येक पंडाल में एक रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें हर दो घंटे पर गश्ती दल के पुलिसकर्मी और पूजा समिति के प्रतिनिधि हस्ताक्षर करेंगे। भीड़ के अनुपात में महिला पुलिस बल की तैनाती, महिला-पुरुषों के लिए अलग कतार, सभी पंडालों में सीसीटीवी और नियंत्रण कक्ष में माइकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। भीड़भाड़ वाले पंडालों में मजबूत बैरिकेडिंग और बाइक-स्कूटी से गश्त कराई जाएगी।

डीएम ने कहा कि सभी प्रमुख पंडालों में पुलिस पदाधिकारी के साथ मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। अग्नि और विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी पंडालों के लिए विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना और खुली वायरिंग पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। अग्निशमन और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से पंडालों का निरीक्षण करेंगे। भवन निर्माण विभाग पंडालों की संरचना का भौतिक सत्यापन कर मजबूती प्रमाण-पत्र देगा।
बैठक में अश्लील, उत्तेजक और आपत्तिजनक गानों पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया। कहा गया कि अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष संयुक्त रूप से पंडालों का सत्यापन करेंगे, जबकि एसडीओ और डीएसपी बड़े पंडालों का विशेष निरीक्षण करेंगे। कहा गया कि नगर निगम, पथ निर्माण विभाग और अन्य निर्माण एजेंसियों को पूजा पंडालों, जुलूस मार्गों और प्रमुख सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। जुलूस मार्गों पर अस्थायी लाइटिंग लगाई जाएगी। डबल डेकर निर्माण से जुड़ी कमियों को 5 दिनों के भीतर दूर करने को कहा गया। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
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