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बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और मुआवजे को लेकर समीक्षा बैठक

बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता-सांसद

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने 9 अक्टूबर को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाद की स्थिति और पुनर्निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में जिले के तीनों अनुमंडल पदाधिकारी यथा छपरा सदर के नितेश कुमार, मढ़ौरा के सैयद अदील मोहसिन और सोनपुर की स्निग्धा नेहा के साथ सिविल सर्जन डॉ के.के. चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी अमनौर डॉ शशांक शुभम सहित सड़क निर्माण, ग्रामीण कार्य, पेयजल, विद्युत विभाग और आईओसीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद रूडी ने कहा कि नेपाल में अत्यधिक वर्षा और अप्रत्याशित जल-प्रवाह के कारण सरयू, गंगा और गंडक नदियों से घिरा सारण जिला बुरी तरह प्रभावित रहा है। कहा कि जिले के मकेर, अमनौर, दरियापुर, परसा, सोनपुर, पानापुर, तरैया और रिविलगंज प्रखंडों के कई इलाकों में तटबंधों को नुकसान पहुंचा है, वहीं घरों, फसलों, मवेशियों, सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।

सांसद ने कहा कि समीक्षा बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रहिवासियों को मुआवजा और राहत सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कहा में बाढ़ में मृतकों का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, यदि कोई परिवार वंचित रह गया है तो उसे तत्काल मुआवजा दिया जाए। फसल, क्षतिग्रस्त मकान और मवेशियों के नुकसान का अंतिम आकलन शीघ्र पूरा कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

निर्णय लिया गया कि 7000 रुपये की सहायता इसी सप्ताह बाढ़ प्रभावित सभी पात्र परिवारों के खाते में भेज दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि क्षति आकलन में पूरे प्रभावित क्षेत्र को शामिल किया जाए, कोई भी पात्र छूटने न पाए।सांसद ने अगले छह महीनों में पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। क्षतिग्रस्त तटबंधों, सड़कों, ग्रामीण सड़कों, पुलों और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और विद्युत विभाग को समन्वय बनाकर कार्ययोजना बनाने को कहा गया। बाढ़ का पानी घटने के बाद महामारी के खतरे को देखते हुए प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के निर्देश दिए गए ।

इस दौरान सांसद रूडी ने बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सारण जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के साथ-साथ स्थानीय जन प्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम रहिवासियों के प्रयासों की सराहना की। सांसद ने बताया कि बाढ़ की पूरी अवधि में वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहे। सांसद कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 18003456222 के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित सहायता पहुंचाई गई। सांसद ने कंट्रोल रूम की टीम, मीडिया और राहत कार्य में सहयोग करने वाले सभी गणमान्य के प्रति आभार व्यक्त किया।

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