चार पुलिस कर्मियों के सहित वरिष्ठ अधिकारियों का मिला साथ
मुशताक खान/मुंबई। 1975 में रिलीज हुई फिल्म शोले की तर्ज अंटोप हिल परिसर के बंगाली पुरा का 21 वर्षीय एक युवक आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था। जैसे धर्मेन्द्र ने पानी की टंकी पर चढ़ कर आत्महत्या करने का नाटक कर रहा था। बहरहाल इस बात की जानकारी मिलते ही अंटॉप हिल पुलिस स्टेशन के जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर अर्चना पाटिल, पुलिस कांस्टेबल अमित खंडारे, पुलिस कांस्टेबल भानुदास चव्हाण, पुलिस कांस्टेबल निकम मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि बंगाली पुरा के साईं दर्शन बिल्डिंग के आस पास स्थानीय नागरिकों की भीड़ लगी थी, और हर कोई उस युवक को बचाने के जद्दो जिहाद कर रहा था। लेकिन युवक पर किसी की गुजारिश का कोई असर नहीं पड़ा।
गौरतलब है कि युवक और स्थानीय नागरिकों के मान-मनौवल के बीच अंटॉप हिल पुलिस स्टेशन के जांबाज पुलिसकर्मियों का दल बंगाली पुरा के साईं दर्शन बिल्डिंग के निचे पहुंच गया। अंटॉप हिल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिवाजी कोंडीबा पावडे के अनुसार पुलिस कर्मियों ने उक्त युवक को बड़े प्यार से समझाया और धीरे -धीरे उसे साईं दर्शन बिल्डिंग के नौवीं मंजिल की छत से उतार लिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर पुलिस इंस्पेक्टर अर्चना पाटिल ने उसे गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन ले आईं।
इसके बाद 21 साल का उस युवक से पूछ ताछ शुरू की गई, इमारत की नौवीं मंजिल की छत से आत्महत्या करने का करण पूछने पर पता चला कि युवक अपने माता-पिता से झगड़े के बाद मानसिक तनाव (‘अवसाद’) के कारण उसने यह कदम उठाया था। लेकिन समय रहते पुलिस ने न केवल उसे बचा लिया। बल्कि उसके विचारों को भी बदल दिया। इसके बाद युवक के माता-पिता को बुलाकर समझाया।

इस तरह पुलिस ने आत्महत्या करने गए 21 वर्षीय युवक की जान बचाई। पुलिस की इस उपलब्धि में मुंबई पुलिस आयुक्त, देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून और व्यवस्था, मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, मध्य क्षेत्रीय प्रभाग, विक्रम देशमाने, पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र 02 माटुंगा, मुंबई, अनुराग जैन, सहायक पुलिस आयुक्त, सायन प्रभाग, महेंद्र मोरे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, अंटॉप हिल पुलिस स्टेशन, शिवाजी पावड़े की सीधी कार्रवाई है।
Tegs: #Antop Hill police saved the life of a young man who attempted suicide.
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