प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार थाना क्षेत्र के मायापुर पंचायत अंतर्गत कोंडराटांड़ रहिवासी बीरबल मरांडी की सियार के हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, वहीं लगातार सियार के हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना है।
बताया जाता है कि बीते 9 अक्टूबर को बीरबल मरांडी पर घर के सामने जंगल में सियार ने हमला कर दिया था। हमले में वह घायल हो गए थे। परिजन उन्हें तत्काल पेटरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उनका इलाज किया गया और रेबीज रोधी टीके की चार डोज दी गईं।
परिजनों के अनुसार इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई और वे घर लौट आए। इसके बाद बीते 26 अक्टूबर की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल बोकारो ले गए। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रांची रेफर कर दिया। परिजन उन्हें रिम्स लेकर पहुंचे, जहां इलाज की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अस्पताल के अंदर ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई।
बीरबल की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पंसस पति मानेस टुड्डू समेत गांव के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
ज्ञात हो कि क्षेत्र में एक माह में सियार के हमले से दो मौतें हो गयी है। ग्रामीणों के अनुसार बीते माह 19 सितंबर को चांपी पंचायत में भी एक युवक की सियार के काटने के बाद मौत हो गई थी। उसे भी रेबीज रोधी टीके की चार डोज दी गई थी। इसके बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। करीब एक माह के भीतर सियार के हमले से दो ग्रामीण रहिवासियों की मौत की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सियार के बढ़ते आतंक को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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