सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड के नक्सल प्रभावित सारंडा के गांवों में नक्सलियों के वोट बहिष्कार का फरमान 13 नवंबर को संपन्न चुनाव में बेअसर देखा गया। नक्सली क्षेत्र में स्थित बूथों पर मतदाताओं की लगी लंबी कतारें देखी गई।

सारंडा के ग्रामीण नक्सलियों का वोट बहिष्कार की धमकी को ठेंगा दिखाकर जंगल पहाड़ होते पैदल चलकर मतदान केंद्र पर पहुंच तथा अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट देकर लोकतंत्र को मजबूत करने तथा पूर्ण बहुमत वाली बेहतर सरकार चुनने के कार्य में जूटे रहे। तमाम बूथों पर पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की भारी तैनाती देखी गई।
जानकारी के अनुसार सारंडा के करमपदा, थोलकोबाद, तितलीघाट, सोनापी, छोटानागरा, जोजोगुटु, रोवाम, दोदारी आदि तमाम बूथों पर मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान की।
जानकारी के अनुसार 13 नवंबर को झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में मतदान के क्रम में बडा़जामदा स्थित एक बूथ पर एक महिला वोट देने मतदाता पहचान पत्र के साथ आयी, लेकिन उसे वोट देने से रोक दिया गया।

बताया गया कि उसका नाम मतदाता सूची में नहीं था। गुवा के विभिन्न मतदान केंद्र में वृद्ध जनों को पूरे उत्साह के साथ वोट देते देखा गया। संध्या 5 बजे के बाद नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के बाद करमपदा, मेघाहातुबुरु एवं गुवा व असपास से सारे मतदान कर्मियों को ईवीएम व वीवीपैट मशीन के साथ सुरक्षित जगन्नाथपुर भेजा गया। वोटिंग से संबंधित सारे मशीनों को जगन्नाथपुर स्थित स्ट्रौंग रुम में सुरक्षित रखा गया है। कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है।
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