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डीएवी कथारा में नाटकों में गूंजा देशभक्ति का स्वर, कहानियों ने दिए जीवन के संदेश

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा में विद्यालय की सह-शैक्षणिक गतिविधियों के तहत 11 जुलाई को विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।

जानकारी देते हुई विद्यालय के शिक्षक बी. के. दसौंधी ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी कहानी वाचन प्रतियोगिता तथा कक्षा 6 से 8 एवं 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए नाटक प्रतियोगिता आयोजित की गई।

कहा कि विद्यालय के चारों सदनों यथा दयानंद, अरविंदो, विवेकानंद एवं श्रद्धानंद सदन के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं सृजनात्मकता के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कहा कि अंग्रेजी कहानी वाचन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रेरणादायक एवं शिक्षाप्रद कहानियों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण कर अपनी भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति कौशल का परिचय दिया।

इस अवसर पर आयोजित नाटक प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समाज और राष्ट्र से जुड़े अनेक ज्वलंत विषयों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, दहेज प्रथा, सड़क सुरक्षा तथा देशभक्ति जैसे विषयों पर आधारित नाटकों ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कलाकारों के सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित सभी जनों का मन मोह लिया। विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति आधारित नाटकों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।

वहीं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग और बलिदान पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को झारखंड के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया। जबकि शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के अदम्य साहस एवं मातृभूमि के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान पर आधारित नाटक ने उपस्थित जनों में रोमांच और देशभक्ति का अद्भुत संचार कर दिया। विद्यार्थियों की जीवंत प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।

इस अवसर पर झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह विद्यालय के प्राचार्य डॉ जी. एन. खान ने कहा कि सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य-पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को मंच प्रदान करती हैं, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखारते हुए जीवन के वास्तविक मूल्यों को आत्मसात करते हैं।

उन्होंने कहा कि नाटक, कहानी वाचन और अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जागरूकता तथा टीम भावना का विकास करती हैं। समय-समय पर इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों को समाज तथा देश से जोड़ने का काम भी करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए साधुवाद दिया।

प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर. एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, बी. के. दसौंधी, टी. एम. पाठक, रितेश कुमार, आराधना, वीणा कुमारी, रेखा कुमारी, जयपाल साव, दीपक कुमार, विकास कुमार, खुशबू कुमारी, सुमन कुमारी, शिवप्रकाश सिंह, विमलेश कुमार, अमरनाथ यादव, ओंकार मिश्रा, संगीत कुमार, सुरजीत लाहा, ओशीन, अर्शिया एजाज सहित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों के उत्साह, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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