ए. जायसवाल/पेटरवार (बोकारो)। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला के हद में पोटका प्रखंड के नील-दीप नि:शक्त सेवा अभियान के संचालक सह पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल बीते बीस दिन से पांव फ्रैक्चर के कारण जंहा बिस्तर में पड़े हैं, वंही उनके सेवा कार्य भी निरंतर जारी है।
एक ओर जंहा उनके हालचाल जानने के लिए प्रतिदिन सुबह शाम उनके शुभ चिंतक पंहुच रहे हैं, वंही दूसरी ओर जरूरी काम से क्षेत्र के रहिवासी भी अपने पूर्व पार्षद के पास पंहुच रहे हैं। इस क्रम में 11 जुलाई को हाथीबिन्धा पंचायत के बाहराडीह गांव से दो दिव्यांग जिन्हें पूर्व में पूर्व जिला पार्षद मंडल द्वारा सदर अस्पताल के कैंप में ले जाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा दिया गया था।
उन दोनों दिव्यांगो की पत्नियां पूर्व पार्षद के समक्ष पंहुच कर जरूरत की सारी कागजातें पंहुचाई। बताया जाता है कि पूर्व पार्षद मंडल द्वारा उन्हें उनके पतियों के दिव्यांग प्रमाण पत्र दे दिया गया तथा सारी जरूरी कागजातों के साथ स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता का फॉर्म भी भरवाया गया।
जिन दो दिव्यांगों का फॉर्म भरवाया गया, उसमें रंजित महतो, पिता-विरजा महतो, दिव्यांगता 55 प्रतिशत तथा दूसरा चैतन महतो, पिता कांतो महतो, दिव्यांगता 55 प्रतिशत शामिल है।
बता दें कि, पूर्व पार्षद करुणामय मंडल द्वारा दोनों दिव्यांगों को जल्द से जल्द प्रोत्साहन भत्ता दिलवाने का आश्वासन दिया गया। आज प्रपत्र भरवाने के लिए पूर्व पार्षद के समक्ष ममता महतो एवं सविता महतो उपस्थित हुए थे। इसके पूर्व भी उन्होंने बीमार एवं चलने से लाचार होने पर बेड में लेटे अवस्था में दो निरीह परिवार की छात्राओं को विज्ञान की पढ़ाई के लिए कॉलेज में दाखिला दिलाया था।
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