रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार द्वारा हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्णय का केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति ने स्वागत किया है।
समिति के अध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने 16 जून को कहा कि इस मांग को लेकर समिति ने बीते वर्ष 23 जुलाई 2025 को राज्य सरकार तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) रांची को पत्र भेजकर मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों के रहिवासियों को लंबे समय से इस निर्णय का इंतजार था। सरकार के इस कदम से पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जनहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि झारखंड के कई जिलों में मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिससे रहिवासियों की जान-माल की क्षति होती है। ऐसे में मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करना सराहनीय पहल है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में हाथियों से फसल, मकान और अन्य संपत्तियों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया को भी और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाएगी, ताकि प्रभावित ग्रामीणों को समय पर राहत मिल सके। कहा कि केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति द्वारा राज्य सरकार एवं पीसीसीएफ रांची को पत्र भेजकर हाथी हमले में मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई थी। झारखंड सरकार द्वारा इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना स्वागत योग्य है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
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