प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। झामुमो (JMM) नेता अशोक दास एवं ग्रामीणों के द्वारा सरना स्थल पर अवैध कब्जा नहीं करने देने पर पूर्णचंद्र आपट ने अशोक दास पर एक लाख लेवी मांगने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा 5 डिसमिल जमीन हड़पने का भी आरोप झामुमो नेता पर लगाया गया है। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने 3 अप्रैल को जमकर विरोध जताया। ग्रामीणों के अनुसार विवादित जमीन लगभग 70 वर्षो से आदिवासियों का सरना स्थल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चाईबासा जिला (Chaibasa district) के हद में बड़ाजामदा थाना अन्तर्गत भठ्ठीसाई पेट्रोल पंप के सामने सरना स्थल रूपी लगभग 35 डिसमिल सरकारी जमीन पर पंड्राशाली निवासी पुरनो चन्द्र आपट द्वारा अवैध कब्जा करने के खिलाफ भठ्ठीसाई, पाताहातु व आसपास गांवों के ग्रामीण 3 अप्रैल को उक्त स्थल के पास जमा होकर इसका भारी विरोध किया गया।
ग्रामीणों ने बताया की बडा़जामदा मौजा अन्तर्गत थाना संख्या-774, खाता संख्या-5, प्लॉट संख्या-782, रकवा 0.35 डिसमिल (अनावाद बिहार सरकार परती प्लॉट) भूमि पर लगभग 70 वर्षो से आदिवासियों का सरना स्थल है। आदिवासी समुदाय यहां नियमित पुजा पाठ करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों व महीनों के दौरान इस सरना पुजा स्थल भूमि को पंड्राशाली गांव निवासी पुरनो चन्द्र आपट द्वारा जेसीबी मशीन द्वारा यहाँ मौजूद दो धार्मिक पेडो़ं एवं मिट्टी को काट कर समतल करवा दिया गया है। इसके अलावे उपरोक्त वर्णित सरना भूमि के आधे हिस्से पर अपना पक्का मकान बना कर दूकान भाड़े पर दे रखा है।
पुजा स्थल स्थापित आधे बचत भूमि को भी जेसीबी मशीन द्वारा मिट्टी काट कर तहस नहस कर दिया है। इस भूमि पर भी एक टीना का शेड डाल घर बनाने हेतु पिलर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। सरना स्थल पर से अवैध कब्जा को हटाने हेतु हमलोग पूर्व में जगन्नाथपुर के एसडीओ एवं नोवामुण्डी के अंचलाधिकारी को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि बीते दिनों बडा़जामदा थाना में आयोजित बैठक के दौरान भी हम लोग अंचलाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों के सामने इस समस्या को रख समाधान का आग्रह किये थे। जिसके बाद अंचलाधिकारी के कहने पर पुरनो चन्द्र आपट ने टीना सेड हटा दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन (Administration) से मांग किया है कि वह अमीन भेजकर सरना स्थल वाली 35 डिसमिल जमीन की मापी करा उसकी सीमांकन अथवा बाउण्ड्री करा दे, ताकि इस सार्वजनिक व आदिवासियों का धार्मिक स्थल पर कोई कब्जा नहीं कर सके। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस सरकारी जमीन में से लगभग 10 डिसमिल जमीन भी गलत तरीके से बिक्री कर दिया गया है।
जिसकी भी जाँच की जाये। इस संबंध में झामुमो नेता अशोक दास ने बताया कि सरना स्थल में पूर्ण चंद्र आपट के द्वारा अवैध मकान नहीं बनाने देने का विरोध जताने पर उसने झामुमो नेता अशोक दास के ऊपर एक लाख लेवी लेने का आरोप लगाया।
साथ ही 5 डिसमिल जमीन मांगने का भी आरोप लगाया है। दूसरी तरफ इस मामले में पुरनो चन्द्र आपट से उनका पक्ष जानने हेतु सम्पर्क करने की कोशिश किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।
इस दौरान अशोक दास, बुचून गुप्ता, मंगल बिरुवा, कांडे हेम्ब्रम, बच्चु पूर्ति, मुरली हेस्सा, साधु चरण बालमुचू, दिलीप हेम्ब्रम, सारजोम सुंडी, सीता सुंडी, निर्मला देवी, कविता दास, गीता देवी, मंझारी सुंडी, शांति देवी, लक्ष्मी चाम्पिया, बुधली कश्चप, रजनी गागराई, इंदु देवी, जानकी देवी आदि दर्जनों ग्रामीण रहिवासी मौजूद थे।
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