विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में टीटीपीएस ललपनिया के विस्थापितों की समस्याओं को लेकर विस्थापित संघर्ष समिति का तीसरा सम्मेलन आगामी 24 मई को आयोजित किया गया है। इसकी तैयारी को लेकर 7 मई को डुमरी बिहार में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार गोमिया प्रखंड के हद में डुमरी बिहार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भीम महतो ने की। बैठक में डुमरी बिहार से ललपनिया रेल पथ से प्रभावित विस्थापित शामिल हुए। बैठक में विस्थापित संघर्ष समिति गोमिया के सचिव सह सीटू नेता राकेश कुमार ने कहा कि यह चिंताजनक है कि औद्योगिक विकास के लिए किसान अपनी जमीन दे देते हैं, लेकिन मुआवजा, नियोजन एवं अन्य अधिकारों के लिए उन्हें वर्षों संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि डुमरी बिहार, गोसे, तुलबुल, हरदियामो और कोदवाटांड़ के किसानों ने डुमरी बिहार से ललपनिया रेल पथ के लिए बरसों पहले जमीन दी, फिर भी अब तक अधिकारों से वंचित हैं। कहा कि उक्त रेल पथ निर्माण से विस्थापितों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
बैठक में विस्थापित नेता विनय महतो, लखन महतो, राजेंद्र प्रजापति समेत अन्य नेताओं ने कहा कि लगभग एक दशक बीत जाने के बाद भी विस्थापित अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जमीन देने के बावजूद स्थानीय रहिवासियों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि विस्थापित संघर्ष समिति, टीटीपीएस-ललपनिया के पुनर्गठन हेतु समिति का तीसरा सम्मेलन आगामी 24 मई को डुमरी बिहार में आयोजित किया जाएगा। बैठक में विस्थापित नेता अरुण प्रजापति, हरिचरण सिंह, रामचंद्र ठाकुर, द्वारिक इंदु, रीत लाल प्रजापति, मनोज कुमार महतो समेत दर्जनों विस्थापित मौजूद थे।
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