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माले के दो दिवसीय जिला कमिटी की बैठक में लिया गया आंदोलन का निर्णय

बैठक में किसान महासभा का सीवान राज्य सम्मेलन की तैयारी तेज करने का निर्णय

आइसा- इनौस का जाल बिछाकर समुचित शिक्षा- रोजगार के लिए संघर्ष तेज करेगी

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भाकपा माले समस्तीपुर जिला कमिटी की दो दिवसीय बैठक 17 सितंबर को शहर के मालगोदाम चौक स्थित जिला कार्यालय में जिला सचिव उमेश कुमार की अध्यक्षता एवं पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी कॉमरेड धीरेंद्र झा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।

जिला कमिटी की बैठक में बंदना सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जीबछ पासवान, रामचंद्र पासवान, अनील चौधरी, महावीर पोद्दार, अजय कुमार, प्रमिला राय, मनीषा कुमारी, गंगा पासवान, लक्ष्मी साह, फिरोजा बेगम, राजकुमार पासवान, सुनील कुमार, सत्यनारायण महतो, रौशन कुमार, महेश कुमार, दिनेश कुमार, ललन कुमार, फूलबाबू सिंह, जयंत कुमार, खुर्शीद खैर आदि ने उपस्थित होकर अपना विचार व्यक्त किया।

बैठक में आगामी 30 सितंबर से एक अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले ऐपवा के राष्ट्रीय सम्मेलन, आगामी 28- 29 अक्टूबर को किसान महासभा के सीवान राज्य सम्मेलन, 7-8 नंवबर को खेग्रामस का बेतिया राज्य सम्मेलन को सफल बनाने समेत माले के महिला संगठन ऐपवा का सदस्यता अभियान में तेजी लाने, किसान महासभा एवं खेग्रामस का पंचायत, आदि।

प्रखंड सम्मेलन में तेजी लाने, अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में माले महानगर कमिटी का गठन कर अप्रत्याशित टैक्स के खिलाफ आंदोलन चलाने, आइसा- इनौस का सांगठनिक सुदृढ़ीकरण करते हुए समुचित शिक्षा एवं रोजगार के सवाल को लेकर संघर्ष तेज करने समेत कई अन्य सांगठनिक एवं आंदोलनात्मक निर्णय लिया गया।

अन्य निर्णय की जानकारी देते हुए भाकपा माले जिला सचिव उमेश कुमार ने कहा कि भाकपा माले अनुशासित पार्टी है। अनुशासन तोड़ने वालों का कोई जगह भाकपा माले में नहीं है। उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त रहने वाले पूर्व इनौस जिलाध्यक्ष सह पूर्व भाकपा (माले) जिला कमिटी सदस्य पूसा प्रखंड के गोपालपुर ठहरा निवासी राम कुमार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किये जाने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राम कुमार अब भाकपा माले में नहीं है और न ही भाकपा माले के किसी भी जन संगठन में हैं। उनकी गतिविधियों- क्रियाकलाप के लिए पार्टी कतई जिम्मेवार नहीं होगी। उन्होंने बताया कि राम कुमार को छह महीने पूर्व कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार के बदले लगातार गिरावट आ रही थी। अंततः उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला जिला कमिटी ने लिया है।

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