अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। आगामी श्रावणी मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 27 जुलाई को जिला के हद में सोनपुर के ऐतिहासिक पहलेजा घाट से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक के कांवड़िया मार्ग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी ने बीते माह 30 जून को दिए गए पूर्व निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक कार्य आगामी 29 जुलाई तक पूर्ण हो जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में 8 मेडिकल कैंप लगेंगे, जिनमें से 4 पहलेजा घाट पर 24×7 कार्यरत रहेंगे। डाक बम श्रद्धालुओं के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गंगा व् गंडक नदी के जलस्तर में बदलाव और आपात स्थिति के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी। पीएचईडी को 100 अस्थायी और 50 अतिरिक्त शौचालय स्थापित करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। कहा कि मेला के दौरान घाटों पर 24×7 सफाई, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त चेंजिंग रूम और महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, वॉच टॉवर और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए जाएंगे। कहा कि घाटों पर सुरक्षित ढलान (स्लोपिंग) और मजबूत बैरिकेडिंग अनिवार्य है। कांवड़ियों के लिए आने-जाने हेतु अलग-अलग मार्ग (पृथक पाथ-वे) बनाए जाएंगे। मार्गों के सभी गड्ढों को भरकर उन्हें समतल किया जाएगा और निरंतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा हाजीपुर (वैशाली) जिले की सीमा से गुजरने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सेवा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारी मुकेश कुमार, ग्रामीण एसपी संजय कुमार और सोनपुर की अनुमंडल पदाधिकारी स्निग्धा नेहा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित थे।
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