पिछड़े वर्ग की हाउसिंग सोसायटियों को जल्द ही मिलेगी हरी झंडी
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। पिछड़ा वर्ग सहकारी आवास योजना के तहत पिछड़ा वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए भवनों के पुनर्विकास नीति की घोषणा मंगलवार 16 मई को मंत्री – मंडल की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। बता दें कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 5 अगस्त 2022 को हुई बैठक में समिति के प्रतिवेदन के अनुसार पिछड़े वर्ग की हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास के लिए एक समिति गठित किया था। उस बैठक के अनुसार नीति बनाने का निर्णय लिया गया था, उसे आज कैबिनेट की बैठक के बाद घोषणा की गई।
पिछड़ा वर्ग सहकारी आवास समितियों के भवनों के निर्माण को लगभग 55 से 60 वर्ष बीत चुके हैं। अधिकांश भवन जर्जर व खतरनाक हो चुके हैं। ऐसे संस्थानों के भवनों का पुनर्विकास करना बहुत ही जरूरी है। राज्य सरकार (State Government) ने 1949 से 1969 और उसके बाद युद्धोत्तर पुनर्वास-219 योजना प्रारंभ की।
इस योजना में पिछड़ा वर्ग सहकारी आवास समितियों को भूखण्ड आवंटित किये गये थे। इसके पीछे की मंशा उन्हें मुंबई, पुणे, नासिक जैसे शहरी स्थानों में आश्रय देना, उन्हें पक्के और आरामदायक घर उपलब्ध कराना है। इतना ही नहीं उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 5 अगस्त 2022 को हुई बैठक का असर अब दिखाई देगा। नई नीति के कारण ऐसे भवनों के पुनर्विकास संबंधी पूर्व सरकार के सभी निर्णय रद्द कर दिए गए हैं और नई नीति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसी संस्थाओं में मूल सदस्यों की दृष्टि से पिछड़ा वर्ग का 90 प्रतिशत एवं पिछड़ा वर्ग का 10 प्रतिशत यथावत रहेगा, पुनर्विकास के बाद सृजित अतिरिक्त फ्लैटों में पिछड़ा वर्ग का अनुपात 20 प्रतिशत एवं पिछड़ा वर्ग का 80 प्रतिशत होगा।
यह जानकारी शिवसेना विधायक विभाग प्रमुख विभाग प्रमुख मंगेश कुडालकर ने दबंग दुनिया के साथ साझा करते हुए बताया कि पुनर्विकास के लिए प्राप्त सभी प्रस्तावों को सामाजिक न्याय विभाग के अनुमोदन के लिए म्हाडा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
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