एस. पी. सक्सेना/बोकारो। रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं स्थानीय अधिकार सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कोतरे हुरदाग के रैयतों ने जदयू प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद खीरू महतो को 12 सूत्री मांग-पत्र सौंपा।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के मौजा कोतरे एवं हुरदाग के रैयतों एवं भूमि-विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद तथा कोयला एवं खान सलाहकार समिति के सदस्य खीरू महतो को मांग-पत्र सौंपकर सीसीएल एवं एमडीओ प्रबंधन से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केबीपी (कोतरे-बसंतपुर-पचमो) कोल परियोजना एवं केंदला-दनिया रेल लाइन निर्माण से बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, रैयत एवं ग्रामीण रहिवासी प्रभावित हो रहे हैं। बावजूद इसके स्थानीय रैयतों को रोजगार, वर्तमान बाजार दर पर उचित मुआवजा, पुनर्वास, वैकल्पिक आजीविका तथा कोयला रोड सेल में भागीदारी जैसे अधिकारों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महतो को सौंपे गए 12 सूत्री मांग-पत्र में कहा गया है कि परियोजना से प्रभावित सभी वास्तविक रैयतों एवं भूमि-विस्थापित परिवारों को उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं तथा सभी पात्र परिवारों को समान रूप से रोजगार, मुआवजा एवं पुनर्वास का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही स्थानीय युवाओं को परियोजना में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी की गई।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महतो ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि वे संबंधित विभागों एवं सीसीएल/एमडीओ प्रबंधन के समक्ष इस विषय को मजबूती से उठाकर आवश्यक एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में डोमन महतो, चेतलाल महतो, सीताराम महतो, सुरेश महतो, पचमो के पंचायत समिति सदस्य रेणु देवी, आकाश करमाली, प्रवीण कुमार महतो, ननकू महतो, टिकेश्वर महतो, गिरधारी महतो, बासुदेव महतो, रमन महतो, बालेश्वर महतो, हरिलाल महतो, रोहन राम, पप्पू साव, संजू देवी, चांदनी कुमारी, पुष्पा कुमारी, सरस्वती देवी, राजीव कुमार महतो, पिंटू करमाली, प्रवेश करमाली, तेजनारायण करमाली, अजीत करमाली, संजय करमाली, सूरज करमाली, राजेश कुमार, बीरबल साव, प्रियंका कुमारी, निलेश कुमार, उषा कुमारी, कोतरे एवं हुरदाग के दर्जनों ग्रामीण रैयत एवं भूमि-विस्थापित शामिल थे।
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