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जवाहर नगर गुरुद्वारा में गुरु तेग बहादुर का मनाया गया शहादत दिवस

एन. के. सिंह/फुसरो (बेरमो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद जवाहर नगर स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में सिक्खों के 9वें गुरु गुरु तेग बहादुर की शहादत की याद करते हुए शहीद दिवस मनाया गया। यहां सभी धर्म के श्रद्धालु एक साथ मिलकर शाहिद दिवस मनाया।

इस अवसर पर बेरमो के सभी आठ गुरुद्वारा के बाबा द्वारा तीन दिनों तक पाठ किया गया। इसके उपरांत सभी ने सामूहिक रूप से लंगर(प्रसाद) ग्रहण किया। इस अवसर पर जवाहर नगर के सेवादार तरजेस सिंह ने बताया कि आज गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस मना रहे है।

यहां से गोमिया तक के सभी आठ गुरुद्वारे के सीख समाज के श्रद्धालु एक साथ इसे मनाए है। बताया कि गुरु तेग बहादुर हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सन 1675 में अपना बलिदान दिया पर मुगल बादशाह औरंगजेब के सामने शीश नही झुकाए।

उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अपना सारा जीवन मानवीय मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। मुगल बादशाह औरंगजेब ने तेग बहादुर जी पर इस्लाम धर्म को कबूलने के लिए काफी मजबूर किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इस्लाम को स्वीकार नहीं किया।

गुरु तेग बहादुर के साहस को देख कर औरंगजेब तिलमिला गया और गुरु तेग बहादुर जी से कहा कि वह इस्माल और मौत में से किसी एक का चुनाव कर लें। लेकिन उन्होंने मौत को स्वीकार करना मंजूर किया लेकिन इस्लाम को नहीं अपनाया। तब औरंगजेब ने दिल्ली में गुरु तेग बहादुर जी का सिर धड़ से अलग करवा दिया।

उन्होंने अपने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी लेकिन औरंगजेब के सामने अपना सिर नहीं झुकाया। बताया कि दिल्ली में जहा गुरु तेग बहादुर जी का सिर धड़ से अलग किया गया वहा आज शीशगंज गुरुद्वारा बना है।

मौके पर गुरमीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, प्रशांत सिंह उर्फ सनी, मनप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, मनिंदर सिंह, कारणदीप सिंह, हरदीप सिंह, कश्मीरा सिंह, शक्ति सिंह, हरभजन सिंह, सुखविंदर सिंह, शरण सिंह राणा, मनजीत कौर, अनीता कौर, बलविंदर कौर, सरजीत कौर, राणा बेबी, आदि।

बलविंदर कौर, कुलजीत कौर, रणजीत कौर सहित भाजपा बोकारो जिला उपाध्यक्ष अर्चना सिंह, जिला मंत्री विक्रम पांडेय, भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष सुमित सिंह, सूरज सिंह राठौड़, दिलीप शर्मा उर्फ गुडुल आदि मौजूद थे।

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