गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। देश की आजादी में अपने अदम्य साहस दिखानेवाले अमर शहीद बैकुण्ठ शुक्ल की 89 वी सहादत दिवश 14 मई को मुजफ्फरपुर में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित दर्जनों गणमान्य रहिवासियों ने स्वतंत्रता सेनानी वैकुंठ शुक्ल के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
ज्ञात हो कि, अमर शहीद वैकुंठ शुक्ल की संगनी राधिका देवी और उनके अधिवक्ता ग्रामीण अरुण शुक्ल ने देश की आजादी के बाद बैकुण्ठ शुक्ल को सरकार से सम्मान दिलाने के लिये मुजफ्फरपुर की सड़को पर आंदोलन करते रहे।

राधिकाजी देश के लिये शहीद अपने पति का मुजफ्फरपुर में एक सहीद स्मारक और गया केंद्रीय कारागार का नाम बैकुण्ठ शुक्ल के नाम पर करने की मांग का सपना लिए वर्ष 2004 में स्वर्ग सिधार गई।
लेकिन अरुण शुक्ल तथा मुजफ्फरपुर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के सतत संघर्ष की वजह से सरकार ने मुजफ्फरपुर शहर के मुजफ्फरपुर दरभंगा मुख्य मार्ग बैरिया गोलम्बर पर अमर शहीद बैकुण्ठ शुक्ल की आदमकद कास्य प्रतिमा सरकार ने वर्ष 2017 में स्थापित कर दिया।
जानकारी के अनुसार तभी से इस स्थान पर सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रत्येक वर्ष के 15 अगस्त को राजकीय समारोह के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है। साथ हीं पण्डित बैकुण्ठ शुक्ल का शहादत दिवश 14 मई और उनकी जयंती 15 मई को इस स्थान पर मनाया जाता है।
इस वर्ष 14 मई को अमर शहीद बैकुण्ठ शक्ल की 89वीं सहादत दिवश पर राजकीय सम्मान के साथ शहादत दिवश समारोह मनाया गया।बिहार बिधान परिषद के सभापति देवेशचंद्र ठाकुर ने शहीद बैकुण्ठ शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
साथ ही सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्तायों ने अमर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिला पुलिस बल के जवानों ने अमर शहीद को सलामी दिया। इस अवसर पर घोषणा किया गया कि 15 मई को अमर शहीद बैकुण्ठ शुक्ल की जयंती भी यहां राष्ट्रीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी।
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