हरिहर क्षेत्र जन जागरण मंच की सजगता एवं नाविकों की जांबाजी रंग लायी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के सारण व वैशाली जिला के सीमांकन पर बहनेवाली गंडक नदी में डूबते माँ एवं उसके पुत्री को नविको की तत्परता से जान बच गयी। घटना 11 सितंबर की बतायी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गंडक नदी पर बने नए रेल ब्रिज से 11 सितंबर की सुबह एक महिला अपने 2-3 साल की बच्ची के साथ कूद गई, जिन्हें हरिहर क्षेत्र जनजागरण मंच के प्रयास और मछुआरों की तत्परता से बचा लिया गया। महिला गोपालगंज जिले की रहने वाली बतायी जा रही है।
जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय घटी जब हरिहरक्षेत्र जन जागरण मंच द्वारा प्रतिदिन आयोजित होने वाला कार्यक्रम भारत वंदना समाप्ति पर था। मंच के सदस्यगण अभी घाट पर ही थे, इसी बीच यह घटना हो गई। महिला और बच्ची को डूबते देख मंच के सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

शोर सुन सवाईच गांव के दो जांबाज नाविक सुखदेव सहनी एवं बलिराम सहनी जो उस समय अपनी नाव के साथ घाट पर ही थे, नाव लेकर बिजली की गति से डूबती महिला के पास पहुंच कर दोनों को निकाल कर नाव पर रख लिया। इसके बाद उन्हें भारत वंदन घाट लाया गया। गनीमत यह रही कि उक्त महिला ने अपने बच्ची को गोद में चिपकाए रखा था।
पहले ऐसा लगा कि शायद बच्ची नहीं बची, लेकिन बच्ची में थोड़ी सुगबुगाहट देख उपस्थित जन समूह में से कुछ नौजवान बच्ची को रेफरल अस्पताल ले गये। बच्ची के पेट में ज्यादा पानी चले जाने के कारण स्थिति गंभीर लग रही थी, लेकिन समय पर उपचार होने के कारण उसकी भी जान बच गई। महिला अपना पता ग्राम बतरदेह, थाना बरौली, जिला गोपालगंज बता रही है।
बताया जाता है कि हरिहरक्षेत्र जागरण मंच द्वारा 112 नंबर पर डायल कर पुलिस को घटना की सारी जानकारी देते हुए सहायता मांगी गयी। थोड़ी ही देर में हरिहरनाथ मंदिर ओपी प्रभारी दल बल के साथ पहुंच कर बच्ची और उसकी मां को अपने कब्जे में ले लिया।
इस अवसर पर मंच के संस्थापक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नाविकों के पहुंचने में अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती तो अनर्थ हो जाता। उन्होंने कहा कि दो- दो जान बचाने के लिए उन दोनों नाविकों की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम होगी। महासचिव अमर नाथ तिवारी ने दोनों नाविकों को मंच द्वारा सम्मानित करने की भी बात कही।
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