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बाल श्रम के खिलाफ श्रमायुक्त ने खोला मोर्चा, की छापेमारी

सहायक श्रमायुक्त ने चास के विभिन्न होटल व् ढ़ाबों का किया निरीक्षण

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला से बाल श्रम को संपूर्ण रूप से समाप्त करने को लेकर सहायक श्रमायुक्त ने कमर कस ली है। इसे लेकर उन्होंने जगह जगह स्थित विभिन्न ढाबो तथा होटलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जानकारी के अनुसार श्रम अधीक्षक सह सहायक श्रमायुक्त बोकारो प्रवीण कुमार ने श्रम कार्यालय के सहायक मणिशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह एवं अन्य दो कर्मचारियों के साथ 20 मई की शाम बोकारो के चास बाज़ार में छह होटल, ढ़ाबों तथा रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियम) अधिनियम 1986 तथा अन्य अधिनियमों का इन होटलों, ढ़ाबों तथा रेस्टोरेंट में अनुपालन हो रहा है या नहीं इसका जायजा लिया।

इस संबंध में सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में कोई भी बाल श्रमिक नियोजित नहीं पाया गया। कुछ प्रतिष्ठानों में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अन्तर्गत उल्लंघन पाया गया। इसके निराकरण के लिए उन्होंने संबंधित संचालकों को नियमानुसार नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया है। साथ ही सेक्शन 12 ए के तहत सभी प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिक नियोजित नहीं करने से संबंधित पोस्टर (इश्तेहार) चस्पा किया गया।

उल्लेखनीय हो कि, श्रम सचिव राजेश कुमार शर्मा, श्रमायुक्त संजीव बेसरा एवं उपायुक्त बोकारो ने बाल श्रम को जड़ से हटाने के लिए बोकारो जिला में स्थित विभिन्न होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट,गैराज, परचून की दुकान, ठेला आदि पर झारखंड के सभी ज़िला के श्रम विभाग को सप्ताह में औचक निरीक्षरण करने हेतु निदेश दिया है। जिसका मॉनिटरिंग जिला एवं राज्य स्तर से किया जा रहा है।

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