एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। हमर अधिकार मंच ने झारखंड के राज्यपाल से मिलकर झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति और सूचना आयोग में लंबित 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर शीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने की मांग की है।
हाल के दिनों में सूचना आयुक्त के प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले के आलोक में सूचना आयुक्त का प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार निर्धारित करने की भी मांग की गई। झारखंड में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने की है।
जानकारी के अनुसार 27 जुलाई को हमर अधिकार मंच का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर उनको विगत मई 2020 से झारखंड राज्य सूचना आयोग में बंद सुनवाई, द्वितीय अपीलवाद एवं शिकायतवाद के निष्पादन के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग किया गया है कि झारखंड में जल्द मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवायी जाय। कहा गया कि वर्तमान में बीते माह 10 जून को नियुक्त चार सूचना आयुक्त गण जिन्हें एक जुलाई को शपथ दिलाया गया है, उनके द्वारा उनका मूल काम द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर सुनवाई और निष्पादन का कार्य प्रारंभ करवाया जाय। क्योंकि, विगत 6 वर्षों से झारखंड में राज्य सूचना आयोग में सुनवाई बंद है और लगभग 25000 से अधिक आवाज सुनवाई हेतु लंबित हैं, जिस कारण सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
कहा गया कि इसे देखते हुए सरकार ने विगत दिनों चार सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की है। साथ ही विगत दिनों जिस प्रकार सूचना आयुक्त द्वारा प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले अखबारों के माध्यम से सार्वजनिक हुए हैं, उन पर भी मंच ने जांचोपरांत कार्रवाई की मांग करते हुए झारखंड में सूचना आयुक्त के प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार के निर्धारण की मांग की।
राज्यपाल ने कहा कि वे इस मामले को राज्य सरकार को प्रेषित करते हुए झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबित वादों की सुनवाई प्रारंभ हो, इस पर कार्रवाई करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय शामिल थे।
![]()












Leave a Reply