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वनाधिकार को लेकर चलकरी दक्षिणी पंचायत में ग्रामसभा

रहिवासियों को सरकार के महत्वकांक्षी योजनाओं की दी गई जानकारी

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। अनुसूचित जनजाति के लिये जल, जंगल व जमीन पर एकाधिकार तथा पूर्वजों की धरोहर को कैसे बचाया जाए। इस मुद्दे को लेकर 16 मई को पेटरवार प्रखंड के हद में चलकरी दक्षिणी पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों द्वारा आम सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता स्थानीय मुखिया रजनी देवी ने किया।

यहां आयोजित आमसभा में मुख्य रूप से आगंतुक वनाधिकार समिति के केंद्रीय प्रभारी राजेश कुमार महतो ने बताया कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वनों पर अधिकारों की मान्यता) महत्वकांक्षी एवं जनहित का कानून है। उन्होंने बताया कि वनाधिकार अधिनियम 2006 एवं संशोधन 2012 की धारा 5 एवं 3 (ए) में इस संबंध में विस्तार से बताया गया है।

इस अवसर पर यहां वर्ष 1908 में सीएनटी एक्ट की धारा 49 पर चर्चा किया गया। यह भी बताया गया कि आज वनों की सुरक्षा किया जा रहा है तो आदिवासियों के चलते। कहा गया कि राजस्व मौजा झुंझको एवं कनीडीह (चलकरी दक्षिणी) के पूर्व भूमि पट्टों के तहत मापी करके सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकार सूचना बोर्ड लगाना अति आवश्यक है।

मौके पर वनाधिकार सचिव निर्मला देवी (रोहर) तथा वन सुरक्षा प्रभारी पेटरवार आशा हांसदा ने सभी दस्तावेजों एवं प्रपत्रों को भरकर सूचीबद्ध किया।

इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि दुर्गा सोरेन, पूर्व मुखिया श्याम रजवार, पंसस प्रतिनिधि जयराम टुड्डू, उप मुखिया सेवालाल वास्के, वनाधिकार समिति सदस्य रीता कुमारी, विकास मुर्मू, नकुल राम बेसरा, कौशल रजवार, नटवर लाल, मनसू सिंह, ज्ञान सिंह, राजेंद्र सिंह, लाल मोहन मुर्मू, बाजून मुर्मू, रूपलाल रजवार, काली मुर्मू सहित सैंकड़ों की संख्या में महिला,पुरुष, ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।

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