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समस्याग्रस्त ताजपुर को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाने को लेकर संघर्ष-बंदना

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। अपने उपजाऊ भूमि, सस्ते श्रमिक, साहित्यिक- सांस्कृतिक समृद्धि के कारण जिला, राज्य एवं देश स्तर पर पहचान रखने वाला समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर को चुप्पा, घरभरू एवं भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों के करतूत के कारण विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के बजाय पीछे धकेला गया। उक्त बातें ऐपवा नेत्री बंदना सिंह ने कही।

ताजपुर प्रखंड के हद में राजधानी चौक पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेज जमाने का अनुमंडल समाप्त हो गया। विधानसभा का दर्जा समाप्त हो गया। कई कल- कारखाने, उद्योग- धंधे समाप्त हो गया। यहाँ की जीर्ण- शीर्ण सड़के, नाला के अभाव में 6 महीने वर्षाजल में ताजपुर बाजार का डूबा रहना, बदस्तूर दुर्घटना, आदि।

लूट- छिनतई, हत्या- अपराध, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में जारी लूट- अनियमितता, बिजली की आंख मिचौनी, भूमि माफियागिरी आज इसकी पहचान बनी हुई है। चुनाव में विकास का पहाड़ बना देने का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि हारने- जीतने के बाद पुनः 5 साल दर्शन देना भी मुनासिब नहीं समझते। ऐसे अनेक नेता हुए जो चुनाव जीतने के बाद अकूत संपत्ति के मालिक बन गये।

धूल- धूसरित बेपटरी ताजपुर को पुनः विकास योजनाओं के पटरी पर लाने के उद्देश्य से भाकपा माले, आइसा, इनौस, ऐपवा ने “बेहतर- सुंदर ताजपुर बनाएं जन अभियान” के तहत 22 नवंबर को ताजपुर प्रखंड मुख्यालय गेट से जुलूस निकालकर राजधानी चौक पर सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया।

उन्होंने कहा कि मोतीपुर सब्जीमंडी के गद्दीदारों-व्यापारियों की सुरक्षा की गारंटी हो वरणा आंदोलन किया जायेगा। सभा को इनौस जिला अध्यक्ष आसिफ होदा ने संबोधित करते हुए कहा कि सांसद- विधायक अपने फंड से ताजपुर के विकास योजनाओं को गति दें। ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना कुमारी ने कहा कि समस्याग्रस्त ताजपुर को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाने को लेकर संघर्ष जरूरी हो गया है।

किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि पुनः ताजपुर को अनुमंडल, विधानसभा, रेलवे का दर्जा मिले। सभा को मो. कयूम, शंकर महतो, रामश्रेष्ट पुरूषोत्तम, अनीता देवी, शिव कुमारी देवी, मंजू देवी आदि ने संबोधित किया।

इनौस नेता आसिफ होदा, ऐपवा नेत्री बंदना कुमारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान को गांव, टोले, मुहल्ले में चलाकर जनमुद्दों को जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सरकार के समक्ष उठाएं ताकि इसका समाधान हो सके।

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