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आमजनों के कवि थे डॉ सुरेन्द्र प्रसाद-जीतेंद्र कुमार

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। मिथिलांचल के सुप्रसिद्ध जनकवि एवं मार्क्सवादी आलोचक डॉ सुरेन्द्र प्रसाद का 90वीं जयंती समारोह 17 मई को शहर के मालगोदाम चौक स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर जन संसकृति मंच द्वारा समारोह पूर्वक मनाया गया।

इस दौरान समारोह को संबोधित करते हुए जाने माने शिक्षाविद डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि हाशिये की बेजान ताकतों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनवरत कविता लिखने, अपने कविता में लिखने, बोलने, खाने, पहनने की आज़ादी को समाहित करने में महारत हासिल कर आंदोलनकारियों को राह दिखाने वाले कवि थे डॉ सुरेन्द्र प्रसाद।

उन्होंने नये लेखकों, कवियों, कहानीकारों के साथ आंदोलनकारियों को हमेशा उत्साहित किया। उन्होंने बेहतर समाज बनाने के उद्देश्य से कई शिक्षण संस्थानों को खड़ा किया। उन्होंने कहा कि डॉ सुरेन्द्र बहुत पहले ही फासीवाद के आगमन के संकेत दिए थे।

जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि पूरे मिथिलांचल में जनकवि नागार्जुन के बाद सुरेन्द्र प्रसाद ही ऐसे जनकवि एवं मार्क्सवादी आलोचक हैं जिन्होंने सृजनात्मक कर्म के साथ- साथ जनांदोलनों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया करते थे।

डॉ अरूण अभिषेक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ सुरेन्द्र प्रसाद आजीवन सांप्रदायिकता, फासीवाद के खिलाफ आमजनों के हक- हकूक के लिए जूझते हुए सृजन कर्म करते रहे। बतौर मुख्य अतिथि जसम के राज्य अध्यक्ष जीतेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ सुरेन्द्र को याद करने का मतलब है कि फासीवाद को पहले हमें समझना है।

फिर उसके खिलाफ रहिवासियों को संगठित कर संघर्ष को धारदार बनाना है। जीतेंद्र कुमार ने कहा कि धर्म के नाम पर रहिवासियों को संगठित करने वाली पार्टी फासिस्ट पार्टी होती है। भाजपा खुले तौर पर फासिस्ट है। मोदीजी बजरंग बली का नाम लेकर लोगों से वोट डालने का अपील करते हैं।

ऐसे संवैधानिक उलंघनों के बाबजूद उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता है। खुले तौर पर संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ सुरेन्द्र प्रसाद के बताये रास्ते पर चलकर हमें समतावादी समाज की रचना की ओर बढ़ना चाहिए।

समारोह को डॉ अरूण अभिषेक, जलेस के डॉ शाह जफर ईमाम, ऐपवा के बंदना सिंह, माले के जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, डॉ श्यामकांत महतो, प्रलेश के रामबालक राय, जसम के अमलेंदू कुमार, अरविंद आनन्द, दिवंगत सुरेन्द्र प्रसाद के पुत्र मनोज कुमार मुनचुन एवं अभय कुमार मुन्ना, सकरा कालेज के प्रो. डॉ संगीता, आदि।

इंसाफ मंच के खुर्शीद खैर, माले के सुरेन्द्र प्रसाद सिंह समेत अन्य गणमान्य जनों ने समारोह को संबोधित कर डॉ सुरेन्द्र प्रसाद के बताये राह पर चलकर बेहतर समाज बनाने को आगे बढ़ने को प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. उमेश कुमार एवं संचालन जसम के दरभंगा जिला सचिव समीर ने किया।

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