रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो हवाई अड्डा को अविलंब चालू करने कज मांग को लेकर नागरिक अधिकार मंच द्वारा 23 नवंबर को बोकारो हवाई अड्डा के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। नेतृत्व मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ कर रहे थे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए मंच अध्यक्ष मुकुल ओझा ने कहा कि बोकारो हवाई अड्डा का 85 प्रतिशत कार्य पांच साल पहले ही पूरा हो चुका था। बाकी बचा 15 प्रतिशत कार्य ही विलंब का कारण है जो जानबूझकर नहीं किया गया।
आयोजित बैठक में मंच अध्यक्ष ने कहा कि आश्चर्य इस बात का है कि पांच सालों में दो एंबुलेंस नहीं खरीदी जा सकी। आग बुझाने वाली दो गाड़ी चाहिए तो बस एक ही खरीदी गई।
हवाई अड्डा से सटे सतनपुर पहाड़ी पर लाइट नहीं लगी और आजतक भी ये सब नहीं हुआ है। इसके बाउंड्री से सटी झोपड़ पट्टियों को कुछ दिनों पहले उजाड़ा गया था, मगर फिर से बसने लगी हैं। कहा कि ऐसा नहीं कि मंच को बोकारो के डीसी पर भरोसा नहीं है, क्योंकि मंच को लग रहा है कि ये चाह तो रहे हैं कि हवाई अड्डा का लंबित कार्य जल्द पूरा हो, मगर दूसरी एजेंसियां इन्हें पूरा सहयोग नहीं कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि डीसी ने पुनः कहा है कि वे 15 दिसबर तक एयरपोर्ट के बचे हुए कार्यों को पूरा कर लेंगे, जिसे ध्यान में रखते हुए मंच ने उन्हें एक जनवरी 2026 तक का समय दिया है। डीसी को चाहिए कि वे प्रमुख सामाजिक संस्थाओं और जन प्रतिनिधियों तथा हवाई अड्डा से संबंधित सभी संस्थाओं को एक साथ बैठावें, ताकि जनता का उनपर भरोसा बढ़े। मंच अध्यक्ष ने कहा कि अगर सारा कार्य आगामी एक जनवरी तक पूरा हो जाएगा तो मंच द्वारा डीसी से मिलकर उन्हें बधाई दिया जाएगा, अन्यथा बड़े आंदोलन की शुरूआत की जाएगी।
प्रदर्शन ब बैठक में मुख्य रूप से शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, मृणाल चौबे, रघुवर प्रसाद, अर्जुन नायक, नीरज सिंहा, वीरेंद्र चौबे, द्वारिका सिंह मुन्ना, अक्षय दुबे, संतोष दुबे, अनिल कुमार, वैद्य गणेश साव, अभय कुमार गोलू, लक्ष्मण शर्मा, ललित कुमार, विजय गुप्ता, सतीश सिंह, शशि भूषण पासवान, उमेश मिश्र, दीपक कुमार, पप्पू चौबे, मनीष झा, मंजय सिंह, नंद कुमार पांडेय सहित मंच के कई पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित होकर अपने विचारों को रखा।
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