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ऐतिहासिक 21 दिवसीय गणपति बप्पा के विसर्जन में भक्तों की भीड़

स्वतंत्रता का मशाल है गणेशोत्सव और शिव जयंती समारोह

मुश्ताक खान/मुंबई। आस्था और भावनाओं से लबरेज 21 दिवसीय गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन वरली के समुद्री तट पर हर्षोउल्लास के साथ किया गया। इस मौके पर गणेश भक्तों के साथ -साथ विसर्जनकर्ताओं के “गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू लवकर या” के उद्घोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

बता दें कि स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर हिंदसाइकिल गणेशोत्सव समिति द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। विगत 50 वर्षों से इस मंडल द्वारा अनोखे रूप से 21 दिनों की गणपति पूजा की जाती है, जो कि न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे विश्व में हिंदुओं के लिए पूजा का स्थान है।

हिंदसाइकिल गणेशोत्सव समिति, सामाजिक प्रतिबद्धता और आपसी मेलजोल को बढ़ावा देता है। इतिहास को संरक्षित करने का संकल्प लेने वाली हिंदसाइकिल गणेशोत्सव समिति 21 दिनों का गणेशोत्सव मना रही है। भावनाओं और आस्था के इस महापर्व में स्वतंत्रता-पूर्व काल में, लोकमान्य तिलक ने लोगों को अपने दिमाग में संगठित किया।

गणेशोत्सव और शिव जयंती समारोह स्वतंत्रता की मशाल जलाने और उन्हें कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के लिए शुरू किए गए थे। इसी का एक हिस्सा, समिति इस गणेशोत्सव में विभिन्न विषयों, जागरूकता बढ़ाने वाले प्रदर्शन और नवीन शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय धार्मिक जागरूकता, बच्चों की संस्कृति, संस्कृति-संरक्षण को साकार करने के लिए काम कर रही है। इस वर्ष भी आदर्श गणेशोत्सव 2023 मना रही है।

इसके लिए हमें सभी का भरपूर सहयोग मिला। वर्ली, प्रभादेवी, दादर, पारल डिवीजन में सबसे प्रसिद्ध, प्रसिद्ध और लोकप्रिय पसंदीदा हिंदसाइकिल की इच्छा पूर्ति के लिए किया गया।

हर साल की तरह इस साल भी हिंदसाकल गणेशोत्सव समिती की ओर से आदर्श गणेशोत्सव बनाने का प्रयत्न किया समिती की ओर से गुलाल, फटाके, पिक्चर के गाने व डिजे अनावश्यक रोशनाई (लाइटनिंग) शक्त विरोध करती है। समिति के सदस्यों का मानना है कि पारंपरिक तरीके से ही सिर्फ बहते पानी मे ही गणपती विसर्जन करना चाहिए।

कृत्रिम तलाव मे विषर्जन का समिति तीव्र विरोध करती है। इस समिति के संस्थापक स्वर्गीयश्रीमती पुष्पा विद्याधर शर्मा, संस्थापक अध्यक्ष संगठन विद्याधर शर्मा, प्रमुख मार्गदर्शक सचिन विद्याधर शिंदे, संस्थापक प्रमुख सल्लागार मोहन म्हामुणकर और नितीन नागावकर हैं। जबकि इसके सलाहकार प्रतिक भोबे व संभाजी पाटील, इंद्रभान सिंग, हुकूम शर्मा, सागर रसाल , अंकित वाल्मीकी राहुल कांबले, महिला समिती मिना जैन, थंगम नायडू, उल्का देवेन्द्र कुलकर्णी, पुजा संगठन शर्मा, राणी देवी केशरवाणी, सुवर्णा सर्वादया, यामिनी आदि प्रमुख लोगों में हैं।

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