युधिष्ठिर महतो/धनबाद (झारखंड)। मध्यप्रदेश के रीवा जिला के हद में जवा कस्बे के बरौली पांडेय गांव में बीते दिनों प्रख्यात गुरु मां करिश्मा शेट्टी का आगमन हुआ। यहां स्थानीय रहिवासी विवेक कुमार पांडेय ने गुरु माँ का एक भव्य आयोजन के माध्यम से स्वागत किया।
जानकारी के अनुसार इस अद्वितीय आयोजन में पांडेय और गाँव के दर्जनों रहिवासियों ने गुरु मां पर पुष्पों व दूध की वर्षा के माध्यम से सम्मानित किया, जो गाँव की पारंपरिक रिवाज है। इस प्राचीन परंपरा का अर्थ है शुद्धता और श्रद्धा। गुरु मां के दर्शन पाने के लिए उनके अनुयायियों की भारी भीड़ देखने को मिली। जहाँ दर्जनों की संख्या मे श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करने को दूर दूर से आये थे।
ज्ञात हो कि, गुरु माँ करिश्मा शेट्टी का आगमन उक्त गाँव के लिए विशेष क्षण था। उनके आगमन का इंतजार कर रहे रहिवासियों की ऊर्जा हर गुजरते पल के साथ बढ़ती गई। जैसे ही यहां पहुंची कि श्रद्धालूगण उनके चरण स्पर्श के लिए उमड़ पड़े। इस विश्वास के साथ कि उनके दर्शन से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उपस्थित जनसमूह के लिए यह एक ऐसा अनुभव था, जिसमें आंसू, मुस्कान और प्रार्थनाएं सभी एक साथ घुल-मिल गए।
इस अवसर पर गुरु माँ ने श्रद्धालुओं के मन की गहराइयों को भांपते हुए उनके जीवन की घटनाओं को समझा और उन्हें समाधान दिए। उनकी सहजता और करुणा ने वहां गहरा प्रभाव छोड़ दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उनके पास अलौकिक शक्तियां हैं, जो उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं की थी। जैसे-जैसे यह खबर फैलने लगी, भीड़ बढ़ने लगी और लगभग नियंत्रण से बाहर हो गई। पुलिस और सुरक्षाकर्मी जो उनके साथ थे, उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश में जुट गए। बावजूद इसके, डॉ शेट्टी ने अपना संयम बनाए रखा और हर उस व्यक्ति को समय दिया, जिसने उनसे मार्गदर्शन माँगा।
उक्त गांव के रहिवासियों का मानना है कि गुरु मां केवल एक आध्यात्मिक नेता नहीं हैं। वे उन्हें समृद्धि और भाग्य का जीवित स्वरूप मानते हैं। गाँव में ऐसे कई किस्से प्रचलित हैं कि उनके आशीर्वाद से कोई भी अकूत संपत्ति और सफलता प्राप्त करते हैं। एक ग्रामीण ने कहा कि उनके पास ऐसी शक्तियां हैं जो हमने कभी नहीं देखीं, जबकि दूसरे ने उनकी दयालुता का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हम सभी से समय लेकर बात की। खासकर बुजुर्गों से। हमारे हर समस्या का समाधान बेहद विनम्रता से दिया।
यह आयोजन संतोष और श्रद्धा की भावना के साथ संपन्न हुआ। गुरु माँ की करुणा और आध्यात्मिक ज्ञान ने रहिवासियों को अभिभूत कर दिया। पांडेय गाँव के रहिवासियों के लिए उनका यह दौरा एक दुर्लभ और परिवर्तनकारी अनुभव था, जिसने उन्हें और भी अधिक श्रद्धा और सम्मान के साथ गुरु मां से जोड़ दिया।
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