कृषि योग्य जमीन टैक्स फ्री हो, अन्य टैक्स भी घटाये सरकार-सुरेंद्र प्रसाद सिंह
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर प्रखंड के 5 पंचायतों को मिलाकर 27 वार्डों वाला नवगठित ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र में नगर प्रशासन द्वारा बिना होल्डिंग कायम किये ही होल्डिंग टैक्स वसूल की जा रही है। प्रावधान के मुताबिक होल्डिंग टैक्स वसूली से पहले होल्डिंग कायम करना आवश्यक है।
फिर भी नगर परिषद प्रशासन प्रावधान को दरकिनार कर बिना होल्डिंग कायम किये ही टैक्स की वसूली कर रही है। उक्त बाते ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने 9 दिसंबर को कही।
उन्होंने कहा कि बिना होल्डिंग कायम किये टैक्स वसूली पर अविलंब रोक लगाये ताजपुर नगर परिषद प्रशासन, अन्यथा यहां के रहिवासी आंदोलन को बाध्य होंगे। इस बावत भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि नगर परिषद क्षेत्र में अभी तक होल्डिंग कायम नहीं किया गया है। जिनसे टैक्स लिया जाता है, उनके प्राप्ति रसीद पर होल्डिंग नंबर के जगह उनका आईडी नंबर डाला जाता है।
विदित हो कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी 27 वार्डों का होल्डिंग वसूली का ठेका एक निजी ऐजेंसी को दिया गया है। इसकी कार्यप्रणाली पर नगर परिषद के बाहर और भीतर से ही सवाल उठ रहा है। नप कर्मियों से पूछने पर बताते हैं कि टैक्स वसूली से पहले होल्डिंग कायम करना आवश्यक है। बिना होल्डिंग कायम किये टैक्स वसूली अनुचित है।
माले नेता ने मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि बिना होल्डिंग कायम किये करदाता के साथ दिक्कत है कि वे ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं कर सकते। उन्हें पुनः आफलाईन ही टैक्स जमा करना होगा, जब तक उनका होल्डिंग कायम नहीं होता है।
नगर परिषद क्षेत्र में सुविधा मुहैया होने तक टैक्स माफ करने एवं बेतहाशा टैक्स को कम करने को लेकर जारी आंदोलन के नेतृत्वकर्ता महिला संगठन ऐपवा जिलाध्यक्ष सह माले नेत्री बंदना सिंह ने कहा कि जब तक टैक्स माफ करने एवं घटाने का फैसला नगर विकास मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जाता है तब तक टैक्स वसूली बंद करे नगर प्रशासन, अन्यथा भाकपा माले अन्य संगठनों को साथ लेकर आंदोलन चलाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद में लगाया गया टैक्स त्रृटीपूर्ण है। कहा कि ताजपुर नगर परिषद बोर्ड का गठन जनवरी 2023 में किया गया, जबकि टैक्स वसूली नगर परिषद के गजट मार्च 2021 से ही किया जा रहा है। होल्डिंग रजिस्ट्रेशन की सूचना दिये बगैर रजिस्ट्रेशन न कराने का आरोप लगाकर 5 हजार एवं 2 हजार रूपये जुर्माना वसूला जा रहा है। क्षेत्र में नाला, सड़क, सफाई, पेयजल, कूड़ा उठाव, प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। जबकि इसके नाम पर भी रहिवासियों से टैक्स वसूला जा रहा है।
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