प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला के हद में डुमरी थाना क्षेत्र के दूधपनियां रहिवासी स्वर्गीय परमेश्वर महतो के 40 वर्षीय पुत्र हुलास महतो पिछले एक माह से दुबई की जेल में बंद हैं। हुलास के परिजन मदद के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं और उसके वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं।
ज्ञात हो कि, सुनहरे भविष्य का सपना आंखों में सजाए कई युवा विदेशों में कमाने जाते हैं और अपने सपनों को मूर्त रूप देते हैं। जब सपने पूरे होते हैं तो परिवार की किस्मत भी बदल जाती है, लेकिन जब वही सपने डरावनी सच्चाई का रूप ले ले तो परिजनों के आंखों में आंसू और डर झलकने लगता है। ऐसा ही कुछ गिरिडीह जिला के डुमरी थाना क्षेत्र दूधपनियां रहिवासी हुलास महतो के साथ हुआ है, जो पिछले 28 मई से अबू धाबी की जेल में बंद हैं और अपनों से मिलने के लिए तड़प रहा है।
परिजनों के अनुसार हुलास बीते 11 मार्च को एनसीसी कंपनी में काम करने के लिए दुबई गया था। जहां पिछले 28 मई को जिला के हद में बगोदर थाना क्षेत्र के बनपुरा रहिवासी बलदेव सिंह और तमिल युवक के साथ दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद बलदेव और तमिल युवक को 11 जून को दुबई पुलिस ने रिहाई होने के बाद वहां से मुंबई भेज दिया और दोनों अपने-अपने घर सुरक्षित लौट आए हैं। जबकि हुलास की अभी तक रिहाई नहीं हो सकी है। हुलास की रिहाई नहीं होने की खबर के बाद से विकलांग पत्नी धनेश्वरी देवी, बूढ़ी मां डीलेश्वरी देवी, पुत्र इंद्र कुमार और बेटी बेबी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।परिजन अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिल पाया है।
प्रवासी मजदूरों के हित काम करने वाले सिकन्दर अली ने हुलास महतो के घर पहुंचकर मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को आश्वासन दिया कि सभी जरूरी कागजात इकट्ठा किए जाएं, ताकि इस मामले को सरकार और संबंधित एंबेसी तक पहुंचाया जा सके। वहीं उन्होंने सरकार से हुलास की रिहाई एवं सुरक्षित वतन वापसी की अपील की है।
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