एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय दरभंगा हाउस में 20 अगस्त को बीते 17 अगस्त से आगामी 16 नवंबर तक चलाए जा रहे सतर्कता जागरूकता अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मुख्य रूप से उपस्थिति थे। वहीं, बैठक में सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण, महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण एवं कर्मियों की भी उपस्थिति रही।
सीसीएल के जनसंपर्क विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर आयोजित बैठक की शुरुआत सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ की गयी। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, जनहित में कार्य करने तथा कानून एवं नियमों का पालन करने की शपथ ली। साथ हीं सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम को पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाने का संकल्प लिया गया, ताकि इसका संदेश अधिक से अधिक सीसीएल कर्मियों, इससे जुड़े संवेदको, ट्रेड यूनियन नेताओं, स्टेक होल्डर्स तथा आमजनों तक पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए प्रभावी जनसंचार बेहद महत्वपूर्ण है। हमें अपने कार्यों और संदेशों को हमेशा सरल एवं स्पष्ट रखना चाहिए, ताकि उसका प्रभाव व्यापक स्तर तक पहुंचे। उन्होंने पिछले वर्ष आयोजित सतर्कता जागरूकता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियान के तहत सीसीएल द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गई थीं। इनमें 900 से अधिक यूनिट रक्तदान का कार्य विशेष रूप से सराहनीय रहा, जो समाज के प्रति सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह संगठन के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि कार्य के दौरान पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाकर संस्थान को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार ने सतर्कता जागरूकता अभियान के प्रमुख उद्देश्यों एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान को पांच प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित किया गया है, जिनमें लंबित शिकायतों का निपटारा, लंबित मामलों का निपटारा, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, डिजिटल पहल तथा अनुबंध प्रबंधन शामिल हैं। कहा कि सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के पांच प्रमुख केंद्रित क्षेत्र हैं, जिसमें लंबित शिकायतों का निपटारा (डिस्पोजल ऑफ पेंडिंग कंप्लेंट्स), लंबित मामलों का निपटारा (डिस्पोजल ऑफ पेंडिंग केसेस), क्षमता निर्माण कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम्स), डिजिटल पहल (डिजिटल इनिसियटिव्स) तथा अनुबंध प्रबंधन (कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट)।
बैठक के दौरान उपरोक्त सभी क्षेत्रों में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। साथ हीं अधिकारियों एवं कर्मियों से अपील की गई कि वे सतर्कता एवं सत्यनिष्ठा को अपने दैनिक कार्य व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाएं। दौरान असैनिक विभाग के ईएमबी पर एसओपी भी लॉन्च किया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं ईमानदार कार्य संस्कृति को और मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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