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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा डीएवी कथारा, गूँजा राष्ट्रप्रेम का संदेश

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह के मुख्य अतिथि सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक सह- विद्यालय के स्थानीय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ए. के. बी. सिंह, उनकी धर्मपत्नी विशिष्ट अतिथि अर्पणा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में क्षेत्र के विभागाध्यक्ष सीएसआर अनुराग कुमार, प्रबंधक वित्त जयप्रकाश नारायण सिंह, कथारा कोलियरी प्रबंधक कृष्ण मुरारी, इंटक से संबद्ध आरसीएमयू क्षेत्रीय अध्यक्ष व् बोकारो जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार सिंह, सीसीएल वेलफेयर समिति सदस्य रामेश्वर मंडल, कथारा ओपी प्रभारी, युवा समाजसेवी राजेंद्र यादव, समाजसेवी एवं एनजीओ संचालिका सुनीता सिंह, समाजसेवी मनोज कुमार, रामजी यादव सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सर्वप्रथम मुख्य अतिथि महाप्रबंधक सिंह ने विद्यालय की सुसज्जित परेड का निरीक्षण किया। एनसीसी आर्मी और नेवल विंग के कैडेट्स ने विभिन्न टुकड़ियों में परेड में भागीदारी की। राष्ट्रध्वज फहराने के पहले मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथि एवं उपस्थित जन समूह वंदे मातरम के साक्षी बने। मुख्य अतिथि के राष्ट्रध्वज फहराते ही पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान की स्वर-लहरियों से गूँज उठा। मुख्य अतिथि ने परेड की सलामी भी ली। एनसीसी कैडेट्स के कदमों के अनुशासन ने सभी को उनकी प्रशंसा करने पर विवश कर दिया।

इस अवसर पर एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला चला, जिसने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत दांडी मार्च पर आधारित नृत्य-नाटिका रही, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और महात्मा गांधी के नेतृत्व की प्रभावशाली झलक देखने को मिली। वहीं छोटे बच्चों की विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए।

रामायण पर आधारित नृत्य-नाटिका तथा वंदे मातरम् की शानदार प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। नन्हे कलाकारों के मनमोहक नृत्य ने उपस्थित जनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भोजपुरी, कश्मीरी, दक्षिण भारतीय उड़िया एवं बंगाली लोकनृत्यों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों और नृत्य-नाटिकाओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के अनुशासन प्रिय छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में देश के वीर सपूतों के त्याग, बलिदान और स्वतंत्रता के महत्व की झलक दिखाई दी। विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान ने अतिथियों का वृक्ष देकर स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने मुख्य अतिथि के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के विकास एवं उन्नति के लिए महाप्रबंधक का निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहा है। उनकी कृपादृष्टि एवं सकारात्मक सहयोग से विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से देश के प्रति अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। साथ हीं आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार भगत सिंह, राम प्रकाश बिस्मिल, असफाक उल्ला खान, खान अब्दुल गफ्फार खान, खुदीराम बोस के बलिदानो से आज के युवाओं को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने आजादी की लड़ाई में देश के सैकड़ो सपूतो के संघर्षो की क्रमवार जानकारी दी। कहा कि अंग्रेजो का फुट डालो की नीति के कारण स्वतंत्रता पूर्व देश का बंटवारा हुआ। यही नहीं बल्कि अंग्रेजी हुकूमत ने बंगाल का विभाजन कर हिन्दू मुस्लिम एकता में दरार लाने का काम किया।

मुख्य अतिथि ए. के. बी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, संस्कार और भविष्य का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शारीरिक शिक्षकों शिव प्रकाश सिंह एवं ओंकार मिश्रा की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। साथ हीं वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर. एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, असित कुमार गोस्वामी, तेजो मित्र पाठक, राकेश रंजन, बी. के. दसौंधी, रितेश कुमार, आराधना, रेखा कुमारी, सुजला के., मधुमल्लिका उपाध्याय, खुशबू कुमारी, कुमारी ज्योति, पूजा सिंह, रिया सरकार, रंजीता सिंह, ओशीन, अर्शिया एजाज, सुरजीत लाहा, संगीत कुमार, रीति कुमारी, रिया सिन्हा, मानसी सिन्हा, सुरभि दुबे, पुष्पांजलि राव, आशा कुमारी, ममता पात्रा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने आज़ादी के इस अमृत महोत्सव को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।

समारोह के अंत में वीणा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ किया गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता, देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध का जीवंत संदेश दिया।

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