सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची के एस. आर. डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में पुस्तकालय विज्ञान के पिता कहे जानेवाले एस.आर.रंगनाथन की जयंती तथा राष्ट्रीय लाइब्रेरी डे के अवसर पर 12 अगस्त को भव्य पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई।
उक्त पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन लाइब्रेरियन सविता झा की उपस्थिति में प्राचार्य डॉ तापस घोष द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा प्रथम से द्वादश तक के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों के रूप में ज्ञान का भंडार खोल दिया गया। सभी विद्यार्थियों ने बारी – बारी से अपनी वर्ग शिक्षिकाओं के साथ पुस्तक प्रदर्शनी का भ्रमण किया। पुस्तकें देख तमाम विद्यार्थी काफ़ी प्रसन्न दिखाई दिए, कारण यह कि वे अपनी रुचि के अनुरूप पुस्तकों का अवलोकन कर सकते थे। उन्हें पढ़ सकते थे।
उक्त प्रदर्शनी में बच्चों के लिए एक तरफ हिंदी तथा इंग्लिश की मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक कहानी की पुस्तकें थीं, तो दूसरी तरफ उपन्यास के रूप में साहित्य का संसार सजा दिया गया था। यहां इंग्लिश – हिंदी – संस्कृत के शब्दकोश भी रखे गए थे, तो उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें भी प्रदर्शित की गईं थीं। कक्षा द्वादश के विद्यार्थियों के भविष्य की तैयारी के लिए जेईई, नीट, एनडीए, कैट, क्लैट, एनटीएसई व् केवीपीआई सरीखी प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने की तैयारी में मददगार पुस्तकों की भी भरमार थीं। इसके अलावा अन्य विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध थीं। विद्यार्थी उन पुस्तकों को देखकर बेहद उत्साहित नज़र आए।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी आधुनिक तकनीक तथा सोशल मीडिया से जुड़कर पुस्तकों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार की प्रदर्शनी उन्हें पुस्तकों के प्रति आकर्षित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकों से दोस्ती करनी चाहिए, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने तथा उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।
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