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महुआबाग पर मंडराया गंगा का खतरा: बोल्डर पिचिंग अधूरी

ग्रामीणों ने की युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग की मांग

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने सबलपुर दियारे के महुआबाग और आसपास के इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी है। सबलपुर पश्चिमी में चल रहे कटाव रोधी बोल्डर पिचिंग कार्य में लगातार हो रही देरी के कारण स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है।

जानकारी के अनुसार योजना के तहत अपस्ट्रीम के कुल आठ लूपों में कार्य होना था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब मात्र दो से तीन लूपों में ही काम होने की संभावना बची है। वहीं लगातार हो रही वर्षा के कारण कार्यस्थल तक जाने वाले कच्चे रास्तों पर भारी कीचड़ बन गया है। इस वजह से बोल्डर और अन्य निर्माण सामग्री से लदे वाहनों का वहां पहुंचना लगभग असंभव हो गया है।

दूसरी ओर, गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण मेगा जियो बैग से बनाए गए बेस के ऊपर लगभग 10 से 12 फीट पानी चढ़ चुका है, जिससे बोल्डर पिचिंग का काम अब पूरी तरह ठप्प होने के कगार पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार आवाज उठाए जाने के बावजूद विभाग द्वारा केवल मिट्टी की कटाई की गई और निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया। दहशत में जी रहे स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि सारण के जिलाधिकारी द्वारा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद सबसे संवेदनशील व आबादी प्रभावित क्षेत्रों (164 मीटर और 87 मीटर के लूप) पर न तो कटाव रोधी कार्य किया जा सका है और न ही फ्लड फाइटिंग की कोई व्यवस्था की गई है। स्थानीय रहिवासियों के अनुसार, इन सभी लूपों में तट की ऊंचाई लगभग 25 से 30 फीट है। यदि जलस्तर और बढ़ा, तो यह स्थिति बड़े पैमाने पर भीषण कटाव को आमंत्रित कर सकती है।

विकट स्थिति को देखते हुए महुआबाग के रहिवासियों ने अब बोल्डर पिचिंग की उम्मीद छोड़ दी है। उन्होंने मांग की है कि गांवों को गंगा की विनाशकारी लहरों से बचाने के लिए तत्काल युद्ध स्तर पर फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू किया जाए, अन्यथा उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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