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पांच माह से मानदेय बंद, कसमार की 42 सहियाओं ने खोला मोर्चा

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। पांच माह से प्रोत्साहन राशि (मानदेय) का भुगतान नहीं होने से नाराज बोकारो जिला के हद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसमार क्षेत्र की 42 सहियाएं 24 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गई हैं। सहियाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगी।

हड़ताल पर बैठी सहियाओं का आरोप है कि जनवरी 2026 से अब तक उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद वे लगातार सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन में अपनी जिम्मेदारियां निभाती रही हैं। सहियाओं का कहना है कि भुगतान में हो रही देरी के लिए सीएचसी के लेखा प्रबंधन की लापरवाही जिम्मेदार है।

आंदोलन कर रही सहियाओं ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। कहा कि लगातार पांच माह से मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण कई सहियाओं के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
हड़ताली सहियाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनके योगदान की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित भुगतान होने तक आंदोलन जारी रहेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।

पल्स पोलियो अभियान पर संकट के बादल

सहियाओं के हड़ताल का असर आगामी 28 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान पर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सहियाओं पर होती है। ऐसे में यदि हड़ताल जारी रहती है, तो अभियान की सफलता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। सहियाओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और जनहित से जुड़े अभियान प्रभावित न हों।

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