आरोपी की करतूत से डरी नाबालिग, बंद की ट्यूशन जाना, मां ने लगाई न्याय की गुहार
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में जरीडीह थाना क्षेत्र के जैनामोड़ में एक नाबालिग छात्रा के साथ लगातार हो रही छेड़खानी और अभद्र व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप जेएसएलपीएस कसमार प्रखंड मे कार्यरत एफटीसी सह जैनामोड़ रहिवासी राजकुमार सिंह पर लगा है।
इस संबंध में पीड़िता की मां ने जरीडीह थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है। डरी सहमी बच्ची ने कोचिंग जाना छोड़ दी है।
थाने को दिए गए आवेदन के अनुसार, पीड़िता की 15 वर्षीय बेटी जब भी बैंक ऑफ बड़ौदा के ऊपर स्थित ट्यूशन के लिए आती-जाती है, आरोपी उसके साथ छेड़खानी करता है।पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि आरोपी आए दिन छात्रा पर गलत-गलत कमेंट करता है, अश्लील इशारे करता है और हमेशा बुरी नीयत से देखता है। आरोपी ने नाबालिग को जबरन उठा ले जाने की धमकी भी दी।
पीड़िता की माँ के अनुसार रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर नाबालिग बच्ची जब घर पर रोने लगी, तब उसने उसे पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद जब पीड़िता की मां आरोपी से इस हरकत का कारण पूछने गई, तो आरोपी घबराकर सामने की एक राशन दुकान में भाग खड़ा हुआ और छिप गया।
आवेदन में मां ने दर्द बयां करते हुए कहा है कि समाज में इज्जत बचाने के चक्कर में वे अब तक इस बात को टालती आ रही थीं और चुप थी, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब उन्हें थाने की शरण लेनी पड़ी। आरोपी की इस प्रताड़ना और धमकी के कारण नाबालिग छात्रा इतनी भयभीत है कि उसने अब ट्यूशन जाना बंद कर दिया है और डर के मारे पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया है।
जेएसएलपीएस कर्मी की संलिप्तता से स्थानीय रहिवासियों में आक्रोश
ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण संस्था झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) में एफटीसी (फील्ड थियेटर को-ऑर्डिनेटर/ब्लॉक कर्मी) जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए आरोपी राजकुमार द्वारा ऐसी घिनौनी हड़कत को अंजाम देने की चर्चा से स्थानीय रहिवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जो संस्था महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करती है, उसी के कर्मी का ऐसा आचरण बेहद शर्मनाक है।
इस संबंध में सहयोगिनी संस्था के निदेशक गौतम सागर ने भी आपत्ति दर्ज करते हुए दोषी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इधर जरीडीह पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि छात्रा बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
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