Advertisement

शौर्य कुंज भवन में हरतालिका तीज व्रत का आयोजन

सुहागिन महिलाओं द्वारा की गयी पति की लंबी आयु एवं अखंड सौभाग्य की कामना

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची के पुन्दाग स्थित शौर्य कुंज भवन में 14 सितंबर की संध्या सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए तीज व्रत की गई। यहां दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर माता पार्वती एवं भगवान शिव की अराधना की।

पुजोत्सव कर रही महिलाओं में बताया कि इस पर्व का बहुत बड़ा धार्मिक और पौराणिक महत्व है। शिव-पार्वती मिलन का तीज व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन और उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है। बताया जाता है कि माता पार्वती की तपस्या के तहत पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए वनों में कठोर तपस्या की थी।

इसी प्रसंग के कारण इसे हरतालिका (हरत यानी कि सखी द्वारा हरण कर ले जाना और आलिका यानी सखी) कहा जाता है। आयोजित तीज पर्व में महिलाओं में विशेष हर्ष एवं उल्लास देखा गया। दर्जनों की संख्या में उपस्थित सुहागिन महिलाएं श्रृंगार कर एकत्रित हुई तथा भगवान शिव तथा माता पार्वती की पुनर्मिलन की कथा का श्रवण की।

 

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *