एस. पी. सक्सेना/बोकारो। गुरु वह प्रकाश-पुंज हैं, जो स्वयं ज्ञान से आलोकित होकर शिष्यों के जीवन में सफलता और संस्कार का उजाला भरते हैं। इसी भावना को समर्पित बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में बीते 5 सितंबर को शिक्षक दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
आयोजित समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह की भावपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कथारा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी रंजीत कुमार, विशिष्ट अतिथि कोलियरी मैनेजर कृष्ण मुरारी तथा कथारा ओपी प्रभारी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान ठ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों की गुरु वंदना ने वातावरण को श्रद्धा और भावनात्मक ऊष्मा से भर दिया। सरस्वती वंदना पर प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने कार्यक्रम में भक्ति और सौंदर्य का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया।
जानकारी देते हुए 6 सितंबर को डीएवी कथारा के शिक्षक बी. के. दसौंधी ने बताया कि इस पावन अवसर पर विद्यालय के रसायन शास्त्र के शिक्षक असित कुमार गोस्वामी एवं धर्म शिक्षक डॉ तेजो मित्रा पाठक को विद्यालय प्रबंधन ने सर्वोच्च शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया। उपरोक्त शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यालय के प्रति उनके समर्पण एवं शिक्षा का अलख जगाने की कठिन एवं सतत साधना का प्रतिफल है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन- आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी.एन.खान ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाला सच्चा मार्गदर्शक होता है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण एवं उनके महत्वपूर्ण दायित्वों को रेखांकित किया। कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। उनके द्वारा दिए गए संस्कार और जीवन-मूल्य विद्यार्थी के व्यक्तित्व पर स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दी।

मुख्य अतिथि रंजीत कुमार ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला विद्यालयों में रखी जाती है। इस कार्य में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने संबोधन में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भावपूर्ण संबोधनों और शिक्षकों के सम्मान से सजा यह समारोह उल्लास और आत्मीयता का सुंदर संगम बन गया। समारोह में विद्यालय परिवार की एकजुटता और गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखा।
समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर. एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, रेखा कुमारी, आराधना, बी के दसौंधी, वीणा कुमारी, सुजला के., मधुमल्लिका उपाध्याय, राकेश रंजन, रितेश कुमार, जयपाल साव, सुमन कुमारी, शिव प्रकाश सिंह, राहुल कुमार, ओशीन, पुष्पांजलि राव, अर्शिया एजाज, संगीत कुमार, अश्विनी कुमार, रीति कुमारी, रिया सिन्हा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यालय कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा। शिक्षक दिवस का यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि उन गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता की सुंदर अभिव्यक्ति था, जिनके ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा मिलती है।
![]()













Leave a Reply