सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित एस.आर. डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में संस्कृत सप्ताह (बीते 22 से 28 अगस्त) के अवसर पर विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि, प्रेम एवं गौरव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से 27 अगस्त को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में संस्कृत भाषा की प्राचीनता, वैज्ञानिकता एवं समृद्ध साहित्यिक परंपरा को रेखांकित करते हुए सप्ताह भर ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक-पाठ, संस्कृत गीत, संवाद, भाषण, कविता-पाठ, प्रश्नोत्तरी तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के महत्त्व और भारतीय संस्कृति में इसकी भूमिका को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति, दर्शन एवं जीवन-मूल्यों की समृद्ध धरोहर है। उन्होंने कहा कि संस्कृत के अध्ययन से विद्यार्थियों में भाषा-कौशल के साथ-साथ संस्कार एवं सांस्कृतिक चेतना का भी विकास होता है। कहा कि संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कृत की समृद्ध विरासत से जोड़ना तथा संस्कृतं सर्वत्र जयतु के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्कृत एवं हिंदी विभाग के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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