रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के सेक्टर नाइन रामडीह मोड़ स्थित ठाकुर बांध की स्थिति आज बेहद जर्जर और चिंताजनक हो चुकी है। कभी यह बांध गांव की जीवन रेखा हुआ करता था, जहां का पानी क्षेत्र के रहिवासी पीने और घरेलू उपयोग में लाते थे। यही नहीं, हजारों श्रद्धालु यहां छठ पूजा के लिए एकत्रित होते थे और गांव के जन्म-मरण से जुड़े सभी धार्मिक अनुष्ठान भी इसी तालाब के किनारे संपन्न होते थे।
लेकिन वर्तमान में इस बांध की हालत दयनीय हो गई है। आसपास बने बड़े-बड़े भवनों और इमारतों का गंदा पानी सीधे तालाब में छोड़ा जा रहा है, जिससे पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है। स्थिति यह है कि पानी से अब तेज दुर्गंध आने लगी है, जिसके कारण छठ व्रतियों का आना लगभग बंद हो गया है। ग्रामीण अब मजबूरी में केवल परंपरा निभाने के लिए तालाब किनारे पहुंचते हैं, लेकिन उपयोग के लिए वे अपने साथ पानी के टैंकर लेकर आते हैं।
इस समस्या को लेकर स्थानीय रहिवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तालाब में गंदे पानी के प्रवाह को नहीं रोका गया, तो वे मजबूर होकर संबंधित बिल्डरों की इमारतों के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।
![]()













Leave a Reply