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रेल कारखाना पर 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर बैठक

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। रेल विस्तार एवं विकास मंच द्वारा आगामी 22 सितंबर को आहूत अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर 14 सितंबर को समस्तीपुर स्थित डीआरएम चौक पर एक विस्तारित बैठक का आयोजन किया गया।

बिहार के समस्तीपुर स्थित रेल कारखाना में पीओएच डब्बा, भोला टाकीज-मुक्तापुर-अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रीज, कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर, केबल स्थान-कर्पूरीग्राम नई रेल लाईन निर्माण कार्य शुरू करने आदि मांगों को लेकर विस्तारित बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक की अध्यक्षता जीबछ पासवान ने की। मौके पर भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, उपेंद्र राय, शिक्षक जीतेंद्र कुमार, सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अशोक राय, माकपा के रघुनाथ राय, राजद के राकेश ठाकुर, शंभू राय, कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी, सुरेंद्र राम, राजेंद्र राय, अरूण कुमार आदि उपस्थित थे।

इस अवसर पर बैठक में भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि समस्तीपुर रेल प्रशासन माधुरी चौक स्थित चिल्ड्रेन पार्क का जीर्णोद्धार करे एवं रेल अस्पताल को केंद्रीय अस्पताल का दर्जा दे। मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने कहा कि कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ-भगवानपुर, केबल स्थान-कर्पूरीग्राम, दलसिंहसराय-पटोरी नई रेल लाईन योजना को मंजूरी दे। राजद नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि समस्तीपुर चीनी मिल, पेपर मिल की तरह रेल प्रशासन समस्तीपुर रेल कारखाना को खत्म करने की साज़िश कर रही है।

रेल विस्तार एवं विकास मंच रेल प्रशासन के इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी। कहा कि पीओएच डब्बा निर्माण के लिए बजट सत्र 2016-17 में 63 करोड़ 82 लाख 57 हजार रूपये का आवंटन किया गया था। रूपये निकासी भी की गई, फिर डब्बा निर्माण कार्य की शुरुआत क्यों नहीं किया गया? कभी जगह कम होने का बहाना तो फिर कभी जांच कमिटी का बहाना बनाकर पीओपी डब्बा निर्माण कार्य शुरू कराने से रेल प्रशासन भाग रही है। भागते रेल प्रशासन को पकड़ने के लिए मंच रेल कारखाना पर आगामी 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल करेगी।

बैठक में माकपा के रघुनाथ राय ने जिले के सभी सामाजिक एवं राजनीतिक दलों, संगठनों, छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान, व्यवसायी, बुद्धिजीवियों तथा जनप्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम में शरीक होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। बैठक से अनशन आन्दोलन की सफलता के लिए अनशनकारी का नाम तय किया गया। साथ ही जगह-जगह बैठक करने, आमंत्रण पत्र एवं पर्चा वितरण करने, नुक्कड़ सभा, अपने-अपने संगठन एवं दलों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी दिलाने आदि का निर्णय लिया गया।

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