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कौटिल्य महापरिवार द्वारा करगली में मनायी गई भगवान परशराम की जयंती

एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के करगली बाजार स्थित कौटिल्य भवन में कौटिल्य महापरिवार के सदस्यों द्वारा 19 अप्रैल को भगवान परशराम की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम का विधिवत पूजा अर्चना कर उनके चित्र पर श्रद्धा -सुमन अर्पित किए गये और उनके आदर्शों का स्मरण किया गया। अध्यक्षता अध्यक्ष अजय कुमार और संचालन अनिल चंद्र झा ने की। यहां नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद नीतू मिश्रा व सरोजिनी दूबे को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

मौके पर संगठन सचिव राम नरेश दूबे ने कहा कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास की शुक्ल तृतीया को हुआ था। इस दिन अक्षय तृतीया भी मनाई जाती है। अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण भगवान परशुराम की शक्ति की क्षति नहीं होती थी। उन्होंने परिसर को संस्कार उद्यान के रूप में विकसित करने की बात कही। कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि सामान्य परिवार के रहिवासी अपने बच्चों की शादी विवाह व अन्य संस्कार यहां करें तो उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस भवन मे संस्कार मंडप व आवास की हेतु कमरा व बरामदा का निर्माण स्थानीय निकाय या जन प्रतिनिधि के सहयोग से बनाने का प्रयास सभी सदस्यों को मिलकर करना चाहिए।

सचिव बृज बिहारी पांडेय और शम्भू दूबे ने कहा कि भगवान परशुराम ने सदैव अत्याचार का अंत कर समाज को जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कठिन तपस्या से भगवान शंकर को प्रसन्न कर परशु (फरसा) प्राप्त किया और धरती को दुराचारियों एवं शोषकों से मुक्त कराया। पंडित संतोष दीक्षित ने कहा कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। महर्षि वेदव्यास, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपा चार्य, ऋषि मार्कडेय सहित उन आठ अमर किरदारों में उनकी गिनती होती है, जिन्हें कलियुग तक अमर माना जाता है। कहा कि भगवान परशुराम के बचपन का नाम राम भी माना जाता है। इनके बचपन में उन्हें राम कहकर बुलाते थे। इनके चार भाई थे।

वार्ड पार्षद नीतू मिश्रा, सरोजिनी दूबे और इन्द्रजीत मुखर्जी ने कहा कि परिवार के सदस्य को समाज और संगठन को मजबूत कर पनशाला, गरीब परिवार के रहिवासियों को शिक्षा और शादी-ब्याह मे मदद करनी चाहिए। उन्होंने कौटिल्य भवन को परिवार तथा समाज के लिए एक वरदान के रूप में परिभाषित किया। अध्यक्ष अजय कुमार झा व शंभू पाठक सहित अन्य सदस्यों ने महा परिवार के प्रति अपने अपने विचार प्रकट किये। व्यवस्थापक बसंत पाठक ने समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि आज ब्राह्मण समाज अपनी संख्या बल और वैचारिक मजबूती के साथ संदेश दे रहा है कि वह एकजुट हो रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में समाज को देखने को मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि सनातन धर्म सदैव सर्वे भवन्तु सुखिनः के भाव के साथ सबके मंगल की कामना करता है। संस्थापक अनिल चंद्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मौके पर बसंत पाठक, आशीष कुमार झा, पंकज पांडेय, सुनील कुमार झा, संजीव कुमार तिवारी, दीपक ओझा, पंकज मिश्रा, सुबीर कुमार मुखर्जी, धर्मेंद्र कुमार तिवारी, नीरज पांडेय, संजय कुमार मिश्रा, रवि पांडेय, कल्याण चक्रवर्ती, डॉ फनी भूषण मिश्रा, संतोष दीक्षित, सुनील कुमार दुबे, ब्रजकिशोर पांडेय सहित समाज के अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

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