पहले चरण में एक से 15 तक स्व-गणना व् 16 मई से 14 जून तक सूचीकरण गणना कार्य
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना का कार्य आरंभ हो चुका है। यह कार्य बीते एक मई से आगामी 14 मई तक किया जाना है।
इस कार्य में आमजनों की सहभागिता, व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 5 मई को समाहरणालय परिसर से एक जागरूकता रथ रवाना किया गया। जागरूकता रथ को बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
बताया जाता है कि यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण कर आमजनों को जनगणना के उद्देश्य एवं स्व-गणना हेतु जन सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य करेगा। इसके भ्रमण की निगरानी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के साथ-साथ प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
बोकारो जिला में जनगणना कार्य के सम्पादन हेतु लगभग 4823 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। उपायुक्त, नगर निगम आयुक्त, जिला स्तर के अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं क्षेत्र प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। पुरे जिला में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का 99 प्रशिक्षण बैच तैयार कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्व-गणना के तहत आमजन आधिकारिक पोर्टल http//se.census.gov.in पर स्वयं अपने परिवार एवं आवास से जुड़े 33 प्रश्नों के उत्तर दर्ज कर सकेंगे। पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। स्व-गणना ऐक्छिक है, अनिवार्य नहीं। उत्तरदाता अपना मोबाईल नंबर और दूसरी जानकारी भरकर पोर्टल में लाॅग-इन करेगा। उत्तरदाता द्वारा सभ् प्रश्नों को भरकर सबमिट करने पर एक आईडी जेनरेट होगा जो उतरदाता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होगी।
प्रगणक के फील्ड विजिट के समय उक्त आईडी को उनसे साझा करनी होगी। स्व-गणना के आंकड़ों की पुष्टि करने के बाद, प्रगणक इसे मूल डेटाबेस में शामिल कर लेगा। यदि किसी ने स्व-गणना नहीं किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। प्रगणक आगामी 16 मई से 14 जून तक की अवधि में उनके घर पहुंचकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे।
एंड-टू-एंड डेटा सुरक्षा-मोबाईल पर डेटा ट्रांसमिशन के दौरान और सर्वर स्तर पर। सुरक्षा को लेकर प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा सुरक्षा ऑडिट, डेटा केंद्रों को क्रिटिकल इनफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (सीआइआई) घोषित किया गया है। जनगणना अधिनियम-1948 तथा नियम-1990 के प्रावधानों के अंतर्गत जनगणना में संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी। दी गई जानकारी को किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता है। टैक्स, पुलिस या अन्य जांच में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। केवल देश एवं प्रदेश के विकास के लिए ही सांख्यिकीय आंकड़ों का उपयोग किया जाना है।
जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाने के क्रम में मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जनगणना कार्य के वरीय नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आशोक खालको, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
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