एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में 4 मई को जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने जिले में बिजली एवं जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी आदि उपस्थित थे।
बैठक में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, बिजली चोरी की रोकथाम, सब-स्टेशन निर्माण, पेयजल योजनाओं के संचालन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। उपायुक्त ने जिला के हद में फुदनीडीह सब-स्टेशन में पावर लोड शेडिंग की समस्या के समाधान हेतु डीवीसी पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस जिले में बिजली का उत्पादन होता है, वहां विद्युत आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संबंधित पदाधिकारियों ने उक्त सब-स्टेशन में 5 मई तक पावर लोडिंग सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में उपायुक्त झा ने निर्देश दिया कि यदि किसी क्षेत्र में 3 घंटे से अधिक बिजली कटौती संभावित हो, तो सूचना एवं जनसंपर्क (पीआरडी) विभाग के माध्यम से आम जनता को तत्काल सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि शाम के समय ग्रामीण क्षेत्रों, नगर परिषद, नगर निगम एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही सुबह के समय जलापूर्ति करने वाले संस्थानों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित डीवीसी प्रबंधन एवं कार्यपालक अभियंता (विद्युत) चास/तेनुघाट को जिले में पावर सप्लाई वाले स्थानों एवं उनकी दरों की विस्तृत सूची तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बिजली चोरी रोकने हेतु सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। नियमित रूप से बिजली चोरी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने तथा दर्ज मामलों की मासिक समीक्षा एसडीओ, सीओ, थाना प्रभारी एवं विद्युत विभाग द्वारा समन्वय के साथ करने को कहा। बिजली आपूर्ति मार्गों पर स्थित कमजोर एवं खतरनाक पेड़ों की मैपिंग कर वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें सिघ्र छंटाई के निर्देश दिए गए, ताकि आंधी-तूफान के दौरान बिजली व्यवस्था बाधित नहीं हो।
उन्होंने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पीएचसी, सीएचसी, जलापूर्ति योजनाओं एवं अन्य सरकारी संस्थानों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों से रिपोर्ट लेकर अविलंब कार्रवाई करने को कहा। साथ हीं सब-स्टेशन निर्माण के लिए आवश्यक भूमि की मांग अपर समाहर्ता के माध्यम से प्रस्तुत करने तथा एक सप्ताह के भीतर भूमि का चिह्नीकरण करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (तेनुघाट एवं चास) को अपने-अपने क्षेत्रों में चापाकलों की अद्यतन स्थिति, खराब चापाकलों की संख्या एवं आवश्यक कार्यों की सूची अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जलापूर्ति वाले स्थानों एवं कार्यरत गैंग-मैन की सूची तैयार करने तथा किसी भी निविदा प्रक्रिया को पूर्ण करने से पूर्व आंतरिक निविदा समिति से अनुमोदन लेने का निर्देश दिया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की सूची प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही जहां नई जलापूर्ति योजनाओं की आवश्यकता है, वहां ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर सूची तैयार करने तथा उन्हें अनटाइड, टाइड अथवा डीएमएफटी फंड से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
चास में उर्जा मेला का आयोजन : 35 में 25 शिकायतों का त्वरित समाधान
एक अन्य समाचार के अनुसार जिला के हद में चास डिवीजन में 4 मई को आयोजित उर्जा मेला में उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रभावी पहल देखने को मिली। मेला के दौरान कुल 35 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 25 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।बताया जाता है कि ऊर्जा मेला में, खराब मीटर से संबंधित सभी 6 शिकायतों का समाधान किया गया। वहीं, बिलिंग समस्या के 4 और फाइनल बिल के 2 मामलों का भी शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया गया। मोबाइल नंबर अपडेट से जुड़े सभी 8 मामलों को भी मौके पर ही निपटा दिया गया। वहीं, बिल विवाद से जुड़े प्राप्त 15 शिकायतों में से 5 का समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है।
जानकारी देते हुए कार्यपालक अभियंता (ईई) चास एस तिवारी ने बताया कि उर्जा मेला का उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। साथ ही, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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