ट्रेन संख्या 11061 में चेकिंग के दौरान टीटीई की सतर्कता से फर्जी टिकट का भंडाफोड़
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। रेलवे के आरक्षण तंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के हद में सोनपुर मंडल के वाणिज्य विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ट्रेन में टिकट जांच के दौरान रेल कर्मचारियों की सजगता से फर्जी तत्काल आरक्षण टिकट रैकेट का पर्दाफाश किया गया है, जिसमें चार रेल यात्रियों को पकड़ा गया है।
यह कार्रवाई बीते 10 जुलाई को ट्रेन संख्या 11061 में टिकट जांच के दौरान की गयी। जब ड्यूटी पर तैनात टीटीई राकेश कुमार सिंह को कई रेल यात्रियों के तत्काल टिकटों पर संदेह हुआ। उन्होंने बिना देरी किए इसकी सूचना मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनपुर के सहायक वाणिज्य प्रबंधक नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीटीई टीम सक्रिय की गई। समन्वित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध रेल यात्रियों को छपरा स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर विस्तृत जांच की गई।
बताया जाता है कि जांच के दौरान ट्रेन के बी-2 कोच के टीटीई कैलाश कुमार झा ने पाया कि बी-3 कोच की बर्थ क्रमांक 9, 10, 11 और 12 के टिकट पर जारीकर्ता स्टेशन का नाम जानबूझकर मिटाया गया था, जो बाद में पूर्णा स्टेशन (दक्षिण मध्य रेलवे) पाया गया। वहीं, बी-4 कोच की बर्थ क्रमांक 9 से 12 पर यात्रा कर रहे यात्रियों के टिकट पर जारीकर्ता स्टेशन सिद्धपेट अंकित था, जो जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया। कार्रवाई के दौरान दो फर्जी तत्काल टिकट और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। रेल प्रशासन ने पकड़े गए यात्रियों, बरामद टिकटों और मोबाइल को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरपीएफ हाजीपुर के हवाले कर दिया है।
सोनपुर रेल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल रेलवे के अधिकृत माध्यमों, पीआरएस काउंटरों या अधिकृत एजेंटों से ही टिकट खरीदें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल से टिकट खरीदना कानूनन अपराध है, जिससे आपकी यात्रा बाधित हो सकती है और जेल भी जाना पड़ सकता है। वाणिज्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शी यात्रा के लिए ऐसे विशेष जांच अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
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