एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। कमरतोड़ महंगाई, रिकॉर्ड बेरोजगारी, कम्पनी राज, निजीकरण, छटनीकरण, 4 श्रम कोड बिल, एमएसपी लागू करने में आनाकानी करने के ख़िलाफ़ ऐक्टू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के अंतिम दिन 29 मार्च को समस्तीपुर शहर (Samastipur City) के मालगोदाम चौक से खेग्रामस, किसान महासभा एवं भाकपा माले से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जुलूस निकाला।
जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए स्टेशन रोड, रामबाबू चौक, टुनटुनिया गुमटी, ओभरब्रीज, पुरानी बस स्टैंड, स्टेडियम गोलंबर, समाहरणालय होते हुए ओभरब्रीज चौराहा पर जुलूस पहुंचकर सड़क जाम कर दिया।
इस दौरान अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर, नारे लिखे फेसटून लहराते हुए कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। जाम से सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का तांता लग गया। मौके पर एक सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता खेग्रामस के जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय, किसान महासभा के जिला संयोजक ललन कुमार ने किया। सभा का संचालन खेग्रामस के जिला सचिव जीबछ पासवान ने किया।
इस अवसर पर भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थाई समिति सदस्य कॉमरेड सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, रामचन्द्र पासवान, उपेन्द्र राय, फुलबाबू सिंह, सुनील कुमार राय, राजकुमार चौधरी, रामबली राय, अनिल कुमर, संजीत पासवान, अशोक कुमार राय, सुरेश कुमार, शशि कुमार सिंह, रामसेवक साह, आलोक कुमार, फुल कुमारी देवी, इंदु देवी,आदि।
वीभा देवी, लाल परी देवी, सकुंती देवी आदि ने सभा को संबोधित करते हुए किसान- मजदूर विरोधी केंद्र की मोदी सरकार एवं बिहार के नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया। अंत में पुलिस प्रशासन से वार्तालाप के बाद मांग पूरा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की घोषणा के साथ सड़क जाम आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
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