एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बारिश या मानसून में बिजली कड़कना या गिरना (वज्रपात) आम बात है। इससे बचने के लिए स्वयं की सावधानी बहुत जरुरी है। आपदा विभाग (Disaster department) द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष प्रचार – प्रसार कराया जाता है।
सामान्यता बारिश के दौरान लोगों द्वारा पेड़ के नीचे छिपने, बिजली और मोबाइल के टॉवर के नजदीक होने एवं पानी के करीब होने के कारण वे आकाशीय बिजली के चपेट में आ जाते हैं।
इस संबंध में 13 जुलाई को बोकारो जिला उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने अपील करते हुए कहा कि जिलावासी बारिश के समय व आसमान में आकाशीय बिजली के कड़कने के समय घरों के अंदर ही रहें। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे घर से बाहर नहीं निकले। ज्यादा जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरतनी जरूरी है। फिलहाल लोगों को चाहिए कि जब भी बादल गरजना शुरू हों, सुरक्षित स्थानों से बाहर न निकलें और अगर कहीं फंस भी जाएं, तो लोगों को चाहिए कि बड़े पेड़ों की बजाय मकानों के नीचे खड़े हो जाएं, क्योंकि बिजली अधिकतर ऊंचे स्थानों या लंबे – ऊंचे पेड़ों पर ही गिरती है।
उपायुक्त ने वज्रपात से बचने के उपाय भी बताया जो निम्न हैं:- बिजली गिरने के दौरान मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित है। घरों में तड़ित चालक लगवाएं। बिजली से चलने वाले उपकरण बंद कर दें। यदि किसी वाहन पर सवार हैं तो तुरंत सुरक्षित जगह चले जाएं।
टेलीफोन, बिजली के पोल के अलावा टेलीफोन और टीवी टावर से दूर रहें। किसी इकलौते पेड़ के नीचे नहीं जाएं। यदि जंगल में हैं तो बौने, कम ऊंची पेड़ और घने पेड़ों के नीचे जाएं। गीले खेतों में हल चलाने या रोपनी करने वाले किसान और मजदूर सूखे स्थानों पर जाएं।
नंगे पैर फर्श या जमीन पर कभी खड़े ना रहें। बादल गर्जन के दौरान मोबाइल और छतरी का प्रयोग न करें। घरों के दरवाजे व खिड़कियों पर पर्दे का इस्तेमाल करें।
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