प्रतिमा विसर्जन व् नगर भ्रमण में बड़ी संख्या में जूटे श्रद्धालु
ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। गिरिडीह जिला मुख्यालय के बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर विसर्जन करने की वर्षों पुरानी परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। इस बार भी 20 अक्टूबर को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए प्रस्थान किया और नम आंखों से माता रानी को विदाई दी।
बताते चलें कि गिरिडीह के विश्वनाथ मंदिर में प्रतिमा विसर्जन की यह अनूठी परंपरा वर्षों से चली आ रही है और श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए ले जाते हैं। इस बार भी विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं में मां दुर्गा के प्रति गहरी आस्था और समर्पण का भाव देखने को मिला। वहीं माता रानी की विदाई के दौरान माहौल भावुक हो उठा तथा श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई देते हुए अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। इस दौरान परंपरागत तरीके से महिला श्रद्धालुओं द्वारा सिंदूर खेला भी खेला गया।
बहरहाल यह कहने में कोई गुरेज नहीं होगा कि गिरिडीह शहर के बरगंडा के विश्वनाथ मंदिर की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक बनी हुई है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को श्रद्धालु आज भी उसी उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ निभा रहे हैं।
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