मामला गंभीर है, सूचना ढोरी क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी को दी गयी है-प्राचार्य
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। देश भर में फैले डीएवी विद्यालय जहां शिक्षा का अलख जगा रहा है, वहीं यहां बच्चों को शीक्षित करने में लगे शिक्षक ही सुरक्षित नहीं है। आगेदिन शिक्षकों के साथ बिगरैल अभिभावकों द्वारा मारपीट की घटना अब आम होता जा रहा है, जिससे शिक्षकों में असुरक्षा की भावना को बल मिल रहा है। तुक्का यह कि घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की ढुलमूल रवैया से भी शिक्षकों में कार्य के प्रति उदासीनता के कारण अध्ययनरत बच्चों के शिक्षण कार्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है।
ताज़ा वाकया 31 अगस्त की बतायी जा रही है। जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में फुसरो-डुमरी पथ पर मकोली मोड़ के समीप स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में कार्यरत एक शिक्षक के साथ एक स्थानीय बिगरैल अभिभावक ने 31 अगस्त की दोपहर छुट्टी के तुरंत बाद विद्यालय परिसर में घुसकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि घटना के बाद उक्त शिक्षक ने घटना की सूचना प्राचार्य को दी। प्राचार्य द्वारा व्यक्तिगत तौर पर घायल शिक्षक को थाना में लिखित तहरीर देने की बात कही गयी।
इसे लेकर विद्यालय के अन्य शिक्षक भड़क गये। शिक्षकों का आरोप है कि, घटना विद्यालय परिसर में घटित हुआ है। लिहाजा शिक्षक का शिकायत आवेदन प्राचार्य के माध्यम से थाना में दिया जाना चाहिए, न कि पीड़ित शिक्षक द्वारा। बावजूद इसके प्राचार्य द्वारा मामले में किसी प्रकार का पहल से इंकार के बाद विद्यालय के कुल 22 शिक्षकों व् कर्मियों का हस्ताक्षर युक्त आवेदन चंद्रपुरा थाना को सौंपा गया। सवाल यह कि घटना विद्यालय परिसर में घटित हुआ, न कि विद्यालय के बाहर अथवा शिक्षक के आवास में। ऐसे में प्राचार्य को मामले में पहल करने की जरूरत थी। प्राचार्य के पल्ला झाड़ने से विद्यालय के अधिकांश शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
इस बावत पुछे जाने पर डीएवी ढोरी के प्राचार्य सह झारखंड जोन एफ के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी निशिकांत कर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि, उनके द्वारा तत्काल घटना की सूचना सीसीएल ढोरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सुरेश सिंह को दे दी गयी है। उनके पहल के बाद हीं अग्रिम कार्रवाई संभव है। उन्होंने कहा कि पीड़ित शिक्षक को उन्होंने चंद्रपुरा थाना में मामला दर्ज कराने को कहा है।
ढोरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी ने घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में प्राचार्य को पहल करना चाहिए, क्योंकि घटना विद्यालय परिसर में घटित हुआ है। खास यह कि शिक्षक के साथ मारपीट करनेवाला स्थानीय रहिवासी कोयला कारोबारी बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि उक्त शिक्षक की जानमाल की सुरक्षा किसके जिम्मे है? विद्यालय परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मी सहित आधा दर्जन शिक्षकों के अनुसार उक्त अभिभावक द्वारा पूर्व में भी कई बार विद्यालय परिसर में घुसकर महिला कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा हंगामा करने का आरोप लगा है, बावजूद इसके विद्यालय प्रबंधन उसके कक्षा छह में अध्ययनरत बच्चा को नामांकित किए है।

ध्यान देने योग्य है कि इससे पूर्व डीएवी ललपनिया में अभिभावकों द्वारा शिक्षक की पिटाई सहित डीएवी स्वांग की घटना, डीएवी कथारा की घटना, डीएवी भंडारीदह सहित दर्जनों संबंधित विद्यालयों में घटित घटना तथा विद्यालय प्रबंधन की ढुलमूल रवैये ने विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों तथा कर्मियों में असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। फिलहाल घायल शिक्षक का इलाज सीसीएल केंद्रीय अस्पताल ढोरी के महिला चिकित्सक द्वारा किया जा रहा है।
डीएवी ढोरी विद्यालय परिसर का पलस्तर टूटकर गिरा, कोई हताहत नहीं
एक अन्य जानकारी के अनुसार 31 अगस्त की संध्या डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी परिसर के दिवार का एक हिस्से का पलस्तर अचानक टूटकर गीर गया, जिससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया जाता है कि पलस्तर जब गिरा उस समय विद्यालय का छुट्टी होने के कारण तमाम विद्यार्थी स्कूल से निकल चुके थे, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया।
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