अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। मानव जीवन नश्वर है और मृत्यु एक अज्ञात अतिथि है जो बिना बुलाए आती है। यह विचार कर मनुष्य को सदा धर्म का आचरण करना चाहिए।
उक्त बातें सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् नौलखा मंदिर में चल रहे झूला महोत्सव के तीसरे दिन 26 अगस्त को पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य महाराज ने कही।
महोत्सव के दौरान धर्मो रक्षति रक्षितः, धर्म एव हतो हन्ति का उद्घोष सर्वत्र गूंजता रहा। इस अवसर पर भगवान श्रीगजेन्द्र का तिरुपति बालाजी के रूप में दिव्य अमृताभिषेक किया गया। अमृताभिषेक के पश्चात भगवान को सुसज्जित झूले पर विराजमान कर षोडशोपचार एवं विविधोपचार विधि से पूजन-अर्चन किया गया। पूजन के उपरांत जगद्गुरु ने झूला झुलाते हुए भक्तों को प्रवचन दिया।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि जो मानव जीवन को पतन से बचाए, वही धर्म है। यदि मानव जीवन से धर्म, प्रवचन और सत्संग को हटा दिया जाए तो मानव और पशु में कोई अंतर नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि पशुओं में लोक-लज्जा नहीं होती। जिस घर में मछली, मांस और शराब का सेवन होता है, वह घर श्मशान के समान हो जाता है। कहा कि हम धर्म की रक्षा करेंगे तभी धर्म हमारी रक्षा करेगा। धर्म के साथ खिलवाड़ या धर्म का विरोध करने पर धर्म ही हमारा नाश करता है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म अति प्राचीन है। ऋषि-मुनियों ने कठिन तपस्या कर सद्ग्रंथों की रचना की है, इसलिए सभी को मठ-मंदिरों में जाकर भगवान के उत्सवों का दर्शन करना चाहिए।
इस अवसर पर कनकलता, डॉ स्नेहलता, दिलीप झा, रामबाबू शर्मा, सुभद्रा देवी, दिलीप सिंह, भोला सिंह, संजय सिंह, सुषमा सिंह, अमरनाथ सिंह, सोहन राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। इस खास अवसर पर सायंकाल 5:30 बजे से रात्रि 10 बजे तक भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का कार्यक्रम चलता रहा। यह झूला महोत्सव आगामी 28 अगस्त तक चलेगा।
![]()













Leave a Reply