पत्नी की मांग सिंदूर भरने से माहौल बन गया भावुक
प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के गोविंदपुर बस्ती में 1@ अगस्त को उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब लगभग 20 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में मुंबई जाने के लिए घर से निकले और फिर लापता हो गए परशुराम महतो अपने परिवार के बीच वापस लौट आए।
बताया जाता है कि इतने लंबे इंतजार के बाद पति को सामने देखकर पत्नी सहित पूरे परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। पूरे गांव में भावुकता और खुशी का माहौल देखने को मिला।
बताया जाता है कि परशुराम महतो के घर वापस लौटने की खबर मिलते ही ग्रामीण रहिवासियों ने गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़े के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वर्षों से पति की राह देख रही पत्नी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पति के घर पहुंचने के बाद ग्रामीण महिलाओं की मौजूदगी में पत्नी की मांग में सिंदूर भरवाया गया। वर्षों बाद पति-पत्नी का यह मिलन देखकर वहां मौजूद तमाम जनों की आंखें भी नम हो गईं। यह पल पूरे गांव के लिए बेहद भावुक और यादगार रहा।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि परशुराम महतो पिछले एक वर्ष से राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित एक आश्रम में रह रहे थे। पुलिस इंस्पेक्टर सह बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव के माध्यम से उनके परिजनों को इसकी सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार जन राजस्थान पहुंचे और उन्हें सकुशल वापस अपने घर लेकर आए। करीब दो दशक बाद परिवार से उनका मिलन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। जिस घर में वर्षों से इंतजार और चिंता का माहौल था, वहां उनकी वापसी ने एक बार फिर खुशियां ला दी।
परिजनों और ग्रामीणों ने बोकारो थर्मल थाना प्रभारी एवं पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनकी सूचना और सहयोग के कारण परिवार को वर्षों बाद अपना बिछड़ा हुआ सदस्य वापस मिल सका। 20 साल का इंतजार खत्म हो गया और परिवार को अपना परशुराम वापस मिल गया। यह सिर्फ एक घर की खुशी नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए भावुक कर देने वाला पल था।
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